० शहीद दिवस के दिन शहीद गार्डन के सामने जलाया जायेगा 11 हजार दीप
० आंदोलन की शुरुवात 9 जनवरी से
० आंदोलन हेतु हुई परिचर्चा धरना प्रदर्शन को लेकर दिखाई एकजुटता
० उग्र आंदोलन की तैयारी के लिए बनेगी कमेटी
० क्षेेत्र की विकास के लिए नगर वासी एक होने को तैयार
छुईखदान (दावा)। नवीन जिले के गठन और नए सरकार के सत्तासीन होने पश्चात खैरागढ-छुईखदान-गंडई संयुक्त जिले के नामकरण के बाद भी संयुक्त जिले के दूसरे विकासखंड मुख्यालय छुईखदान के साथ साथ सबसे बड़े व महत्वपूर्ण व्यापारिक केन्द्र गंडई (नगर पंचायत व क्षेत्र) को जिस प्रकार से शासनिक, प्रशासनिक, सहित व्यापारिक उपेक्षाओं की ओर धकेला जा रहा है, या यूं कहें कि जिले के नामकरण का नेतृत्व करने वाले इन दोनो बड़े शहरों सहित इनके क्षेत्र मे गिने जाने वाले समस्त ग्रामीण अंचल को जिस उपेक्षित व्यवहार का सामना करना पड रहा है वैसी स्थिति इतिहास मे कभी नही देखी गई, खैरागढ को अकेले थकेले छोडक़र छुईखदान-गंडई नगर विकास मंच का आयोजन इस बात की ओर साफ ईशारा करती है कि अब उपेक्षाओं का पानी सर से ऊपर चला गया है,और अब हम अपनी लड़ाई स्वयं लड़ेंगे।
बैठक ने उपस्थित लोगों ने कहा हम अपना हक लेकर रहेंगे, उपेक्षा नही सही जाएगी और गैर अपेक्षित सहयोग समर्थन नहीं दिया तो बदले में वही दिया जाएगा, जो हमें मिला है। आयोजन मे उपस्थित छोटे राजा देवराज किशोर दास, राजकुमार जैन, दीपक जैन, सज्जाक खान, रोहित पुलस्त्य, बलभद्र महोबिया ने बारी-बारी से अपने विचार रखे। जिसमें जिला स्तरीय वे शासकीय कार्यालय जो कलेक्टर कार्यालय में नहीं लगते हैं, उनकी स्थापना छुईखदान और गंडई शहर में किए जाने, खैरागढ़ विकासखंड और तहसील से बाहर छुईखदान और गंडई क्षेत्र की खस्ताहाल सडक़ों का चौड़ीकरण तथा नवीनीकरण, संपूर्ण जिले के किसानों को समान फसल बीमा व क्षतिपूर्ति मुआवजा आदि के साथ ही आगामी समय में गठित होने वाले नवीन विधानसभा क्षेत्रों में छुईखदान एवं गंडई को मिलाकर एक अलग से विधानसभा क्षेत्र बनाए जाने की सुगबुगाहट साफ दिखाई दी।
उपस्थित वक्ताओं ने पूर्व में इन दोनों ही नगरों व क्षेत्र में उपलब्ध प्रशासनिक सुविधाओ,सहित छुईखदान जो पहले भी विधानसभा क्षेत्र रहा है सहित अनेको सुविधाओ का जि़क्र किया वही युवा वक्ताओ ने भूमि क्रय-विक्रय पंजीयन मे रोक, रोड चौड़ीकरण, छिंदारी बाध क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप मे विकसित किए जाने,छुईखदान नगर पंचायत को पालिका का दर्जा, जैसी विकट और जनमानस से जुडे समस्याओ, नगर जनो की ओर से किए गए प्रयासो,और स्वनामधन्य तथाकथित जनप्रतिनिधियो के कोरे आश्वासन व बेरूखी को सबके सामने रखा,तथा अंत मे चर्चा की समाप्ति निचोड़ के रूप मे सामने आई कि अब इन दोनो ही शहरो के उन लोगो को छोडक़र जो अपने शहर और गांव के विकास के लिए स्वयं संघर्ष करने पर विश्वास करते है मंच मे लाकर शासन प्रशासन का ध्यानाकर्षक किया जाए और बिना किसी अनुमोदन अनुसंशा के विकास को गति दिया जाए।आज हुए बैठक में छोटे राजा देवराज किशोर दास, रोहित पुलस्त्य जमीदार ठाकुरटोला, राजकुमार जैन, भुनेश्वर साहू पूर्व जनपद अध्यक्ष, किरण वैष्णव, लाल जितेंद्र किशोर दास, रावल कोचर, रमेश दाऊ जी, मुकेश वैष्णव, लक्ष्मी मेडिकल, कमल वैष्णव, मनोज चौबे, प्रेम लाल साहू, नरसिंह साहू, दिवाकर महोबिया, सज्जाक खान, संजय जैन, गोलू जैन, दीपक जैन, उमाकांत महोबिया, शांतिलाल पारख, प्रकाश जैन, यशवंत बाघमार, भीम महोबिया, मधुकर महोबिया, महावीर सांखला, अमित महोबिया, संजय शर्मा, दीपक देशमुख, सन्नी महोबिया, गिरीश सेन, श्याम भट्ट, मधुमनगल सिंह, विक्रांत चंद्राकर, शुभम चंद्राकर, संजय तिवारी, हेमंत वैष्णव, दीपक वैष्णव, मनीष कोचर, नवनीत जैन, भावेश कोचर, टिक्कू दादा, संदीप जैन, मनिक श्रीवास, कार्यक्रम का संयोजक बलभद्र महोबिया, आलोक यादव, सन्नी महोबिया सहित नगर व क्षेत्र के नागरिकगण उपस्थित थे।


