० डोंगरगांव के बीटीआई रोड पर भीषण आगजनी, लाखों का सामान राख
० विद्युत विभाग ने नहीं उठाया फोन, सायरन बजाने के बाद भी नहीं जागे कर्मचारी
० नगर पंचायत का फायर ब्रिगेड निकला कंडम, निजी कंपनी के वाहन ने बुझाई आग
डोंगरगांव (दावा)। नगर के बीटीआई रोड स्थित एक घर में आगजनी की घटना हुई है। जिसमें लाखों के समान जलकर खाक हो गया। वहीं इस दौरान गनीमत रही थी कि कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के समय जिस स्थान पर आग की लपटें पहुंची। वहां बैडरूम में माँ और बच्चे सो रहे थे। आगजनी की घटना की जानकारी लगते ही आसपास सहित रहवासियों ने आग बुझाने की कोशिश की। इस आगजनी मामले में विद्युत विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। जिसमें लगातार सूचना का प्रयास किया, लेकिन विभाग की ओर से कोई रिस्पांस नहीं मिला और छोटा सा अग्रिकांड एक भयावह आगजनी में बदल गया।
इस आगजनी से पीडि़त परिवार के मुखिया अम्बिका कुंवर और राजेंद्र कुंवर ने बताया कि सोमवार-मंगलवार दरम्यानी रात्रि तकरीबन डेढ़ बजे बिल्ली की जोर जोर से चिल्लाने की आवाज आई। बिल्ली ने ऊपर छज्जे में बच्चे दिए थे। बिल्ली की आवाज सुनकर बाहर आया तो देखा कि आग लग गई थी। जिसके बाद परिवार के अन्य लोगों को उठाया और आसपास से मदद ली।
सबसे पहले इसके लिए विद्युत लाईन काटने के लिए विभाग के कर्मचारियों से लगातार संपक्र किया गया। किन्तु उनके द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई और न ही घटना स्थल पर कोई पहुंचा। करेंट फैलने के डर से लगातार सीधे पानी डालना भी मुमकिन नहीं हो पा रहा था। फिर भी कुछ मुहल्लेवासी अपना प्रयास जारी रखा। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी। जिससे ना तो सामान को बचाया जा सका और न ही आग पर काबू पाया जा सका। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत का फायर ब्रिगेड बुलाना चाहा लेकिन वह भी खराब बताया गया। इस आगजनी की घटना में पलंग, गद्दे, अलमारी, कपड़ेे, कूलर, पंखा, टीव्ही, ट्रंक में रखे कीमती सामान सहित लाखों का नुकसान हो गया है।
अच्छी बात यह रही कि समय रहते सभी परिजन सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए और कोई जनहानि नहीं हुई। सुबह घटना की जानकारी लगते ही तहसीलदार पीएल नाग और पटवारी अजय राणा सहित उनकी टीम मौके पर पहुंची और मौका मुआयना कर पंचनामा तैयार कर लिया है। इस पूरी घटना में विद्युत विभाग के कर्मचारियों की अतिलापरवाही से पीडि़त परिवार और मोहल्लेवासियों में रोष व्याप्त और जमकर नाराजगी जाहिर की।
विद्युत विभाग के कर्मचारियों अतिलापरवाही, होना चाहिए कार्यवाई
सोमवार देर रात्रि में आग लगने की घटना के बाद परिवार के सदस्यों ने विद्युत प्रवाह बंद कराने अनेक बार डोंगरगांव के विद्युत विभाग के इमरजेंसी नंबर के कॉल किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस के पेट्रोलिंग पार्टी को दी गई।
उन्होंने विद्युत विभाग के कार्यालय जाकर सायरन बजाय, हार्न बजाया और दरवाजा तक खटखटाया लेकिन उन्हें कोई प्रतिउत्तर नहीं मिला। नगर के जनप्रतिनिधि विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचे और कर्मचारियों को जमकर लताड़ लगाई। तब कहीं जाकर वे लाइन बंद करने घटना स्थल पर पहुंचे।
नपं का फायर ब्रिग्रेड कंडम
शहर में आगजनी जैसी अप्रिय घटना से तत्काल बचाव और राहत को देखते हुए लाखों रुपये लगाकर फायरब्रिगेड वहां खरीद गया, लेकिन कुछ दिन चलने के बाद यह कंडम होता चला गया और जब भी इस वहान की आवश्यकता होती तब-तब आज खराब ही रहता है। कई बार ड्रायवर नहीं, कभी पेट्रोल-डीजल नहीं, कभी टायर खबर तो कभी पूरा का पूरा वाहन ही खराब रहता है।
सोमवार रात्रि में हुई आगजनी की घटना के बाद नपं का फायरब्रिगेड बुलाने के लिए कॉल किया गया, तो पता चला कि वह खराब है। वहीं एबीस कंपनी का फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचा और उसके बाद राजनांदगांव से भी गाड़ी आई, लेकिन तब तक आग काफी भडक़उठी थी और सब कुछ जलकर राख हो गया।
कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि जो हेल्प लाइन नंबर को सार्वजनिक करें और 24 घंटे की ड्यूटी में फोन कॉल रिसीव किया जाए। रात्रि में कौन था-कौन लाईन काटने गया था। विभागीय तौर पर जानकारी नहीं आई थी। मैं पता करवाता हूँ, उस समय कौन थे। टाउन जेई को भी चेतावनी दी गई है और पीडि़तों को परेशानी न हो, इसके लिए सतर्क रहें, कहा गया है।
– बीरबल उइके, ईई विद्युत विभाग, डोंगरगांव डिवीजन
नगर पंचायत के फायर ब्रिगेड वाहन को नगर सेना को बहुत पहले दे दिया गया है। हमारा प्रयास था कि फंड मिलता तो यहीं से ऑपरेट करते लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके लिए अग्निशमन अधिकारी भी नियुक्त हुए हैं, वही इसका संचालन करेंगे।
– विनम्र जेमा, सीएमओ नगर पंचायत डोंगरगांव


