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धान खरीदी में अवैध वसूली के खिलाफ आर-पार की जंग : 20 को चिचोला में चक्काजाम करेगा किसान संघ…

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मजदूरी के नाम पर प्रति कट्टा 6 से 8 रुपये की वसूली का आरोप, हस्ताक्षर अभियान चलाएगा संघ

० रबी फसल ऋण में कटौती और टोकन के नाम पर किसानों की खाना तलाशी से उपजा भारी आक्रोश

छुरिया (दावा)। धान खरीदी केंद्रों में मजदूरी के नाम पर हो रही अवैध वसूली और किसानों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदेश किसान संघ ने अब आंदोलन को तेज करने का बिगुल फूंक दिया है। सोमवार को छुरिया में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने रणनीति तैयार करते हुए घोषणा की है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 20 जनवरी को चिचोला (छुरिया मोड़) में किसान सभा और जी.ई. रोड पर चक्काजाम किया जाएगा।

मजदूरी के नाम पर लूट : 22.05 रुपये प्रासंगिक व्यय के बावजूद वसूली
किसान संघ ने आरोप लगाया कि भारत सरकार द्वारा प्रति क्विंटल 22.05 रुपये प्रासंगिक व्यय (भराई, तौल, सिलाई, लोडिंग) निर्धारित है, जो सोसायटियों को मिलता है। इसके बावजूद केंद्रों में किसानों से प्रति कट्टा 6 से 8 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। संघ अब इसके विरोध में गांव-गांव, हाट-बाजारों और खरीदी केंद्रों में हस्ताक्षर अभियान चलाकर सांसद व विधायकों को ज्ञापन सौंपेगा।

प्रशासनिक रवैये पर नाराजगी: अपमानजनक हो रहा निरीक्षण
बैठक में किसानों ने बताया कि टोकन और पंजीयन के लिए हजारों किसान आज भी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। प्रशासनिक अमला टोकन जारी करने के नाम पर किसानों के घरों की खाना तलाशी और फोटोग्राफी कर रहा है, जिसे किसानों ने अपमानजनक और अवैध बताया।

संघ ने चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए। प्रदेश किसान संघ ने साय सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि रबी फसल के लिए प्रति एकड़ ऋण को 21 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये कर दिया गया है। साथ ही, राजीव गांधी न्याय योजना की चौथी किस्त पिछले दो वर्षों से बकाया है। इन मुद्दों को लेकर किसानों ने शासन-प्रशासन की उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया। आगामी 20 जनवरी के आंदोलन को सफल बनाने के लिए संघ ने प्रति किसान परिवार से 1 किलो चावल और स्वेच्छा से आर्थिक योगदान की अपील की है। बैठक में सुदेश टीकम, मोतीलाल सिन्हा, साधूराम धुर्वे, विनायक मण्डावी सहित बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।

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