राजनांदगांव (दावा)। भाजपा नेता अशोक चौधरी ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में 2 दिन पहले जो देश विरोधी और प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए कब्र खोदने के नारे लगाए वह बहुत आपत्तिजनक है। इसके पहले 2013 में अफजल गुरु के फांसी के विरोध पर कन्हैया लाल गैंग ने भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे लगाकर यह साबित कर दिया है कि जेएनयू में अर्बन नक्सली तैयार हो रहे हैं।
एक तरफ देश से हथियार उठाने वाले नक्सली समाप्ति की ओर हैं। इस तरह जेएनयू जैसी संस्थान जहां अर्बन नक्सली तैयार हो रहे हैं, उस पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। बड़ी बेशर्मी से देश विरोधी नारों को लगाने वालों को कांग्रेस पार्टी और उसके विवादित नेता उदय राज जैसे लोगों ने इस घृणित कार्य का भी बचाव करने सामने आ रहे हैं। शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत रद्द करने के पीछे सुप्रीम कोर्ट ने उनके देश सूर्योदय साजिश जिसमें चिकन ने को बंद करने की धमकी और असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों को भारत से अलग करने के कोशिश मे संलिप्तता होने के कारण जमानत खारिज की गई है।
श्री चौधरी ने आगे कहा कि उनके खिलाफ जेएनयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष के गोपिका और अघोषित रूप से अध्यक्ष तथा उसके समर्थक पांच लोगों के ऊपर जेएनयू प्रशासन ने पुलिस में रिपोर्ट किया है। अब ऐसे में देश सुरक्षा के मामले के कारण जेएनयू पर अंकुश लगाना आवश्यक हो गया है। जेएनयू प्रशासन ने यह स्पष्ट रूप से मना है कि यह पांच छात्रों जिनके खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखाया गया है और अन्य लोगों को पर जांच के बाद कार्रवाई हो सकती है। इन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन किया है कि कोई भी शिक्षण संस्थान में देशद्रोही शिक्षा नहीं दी जा सकती, पर बार-बार जेएनयू प्रशासन में देशद्रोही संगठन स्पष्ट रूप से सामने आते हैं, अत इन पर कार्यवाही आवश्यक है।


