निर्माण एजेंसी को नहीं है जनता का ध्यान, अपनी मर्जी से कर रहा है काम, रोज हो रहे हादसे
राजनांदगांव । अक्सर देखने में आता है, कि कोई घटना दुर्घटना घटित होने के बाद ही शासन-प्रशासन जागता है। और घटना दुर्घटना की पुनारावृति न हो इसके लिए वही करता जो उसे पहले करना चाहिए। लेकिन जिस प्रकार से राजनांदगांव से ठेलकाडीह-खैरागढ़ मार्ग का निर्माण में कुछ इसी तरह की पुनारावृत्ति होने की आंशका जनता को सता रहा है। यहा ठेकेदार व निर्माण एंजेसी के द्वारा जमकर लापरवाही बरती जा रही है। लोगों को धूल से निजात तो नहीं मिल रही है। जबकि निर्माणधीन सडक़ की वजह से हादसें हो रहे है। इसके बाद भी ठेकेदार अव्यवस्था के बीच सडक़ का निर्माण कर रहे है। रोजाना इस मार्ग पर लोग हादसें का शिकार हो रहे है। आपको बता दे कि सप्ताहभर पूर्व एक बाइक सवार सडक़ के कटाव के चलते बाइक से फिसलकर गिर गया। इससे उनके हाथ, पैर व सिर में चोटे आई है। शनिवार को ठेलकाडीह चौक के पास बाइक हादसें की भेंट चढ़ गया। ऐसे हादसें रोज हो रहे है। इसके बाद भी संबधित ठेकेदार लोगों की जान की परवाह किए बिना सडक़ का निर्माण करा रहे है। कई जगहों को बीच से कटाव कर छोड़ रहे तो कही मटेरियल डाल कर छोड़ रहे है। जिससे रात्रि के समय आवागमन करने वाले बाइक चालक हादसें का शिकार हो रहे है। इधर प्रशासन के नुमाइंदे भी इस ओर ध्यान न देकर केवल कागजी घोड़ा दौड़ा रहे है। ऐसे में लोगों का गुस्सा फूटना लाजमी है।
हो रही सडक़ दुर्घटनाएं
राजनांदगांव से खैरागढ़ तक करीब 92 करोड़ की लागत से 30 फीट चौड़ी सडक़ का निर्माण किया जा रहा है। बेशक इस निर्माण से जनता को सहूलियत तो होगी। लेकिन निर्माणधीन सडक़ में जिम्मेदार ठेकेदार ने जिस प्रकार से लापरवाही ही हदे पार कर दी है। इससे रोजाना हादसें का शिकार आम जनता हो रहे है। बोरी, तिलई, डंगनिया, पदुमतरा, खपरीखूर्द, चवेली, ठेलकाडीह सहित अन्य गांव के लोगों के लिए निर्माणधीन सडक़ सुगम के साथ लापरवाही के चलते परेशानी का सबब बना हुआ है।
हादसे से बचने ग्रामीण मार्ग से गुजर रहे
आपको बता दे कि जिस प्रकार से धूल व निर्माणधीन सडक़ में बिखरी पड़ी गिट्टीयां लोगों के लिए हादसें का कारण बन रहे है। ऐसे में बाइक चालक व छोटे चार पहिया वाहन इस मार्ग से गुजरने के बजाय ग्रामीण मार्ग ठेलकाडी से डूमरडीहकला, धौराभांठा, डोम्हाटोला, बुदेंलीकला होते हुए रेंगाकठेरा डिलापहरी से जिला मुख्यालय पहुंच रहे है। इस मार्गों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। भले ही दूरी लंबी लग रही है, लेकिन दोपहिया वाहन चालक के लिए सेफ मानी जा रही है।
पानी का छिडक़ाव दिखावा, धूल से सब त्रस्त
राजनांदगांव से ठेलकाडीह मार्ग व सिंगारपुर तक सडक़ निर्माण के चलते उड़ रही धूल एक गंभीर समस्या हो गई है। हालाकि उसके आगे बढ़ईटोला तब सडक़ पक्का हो गया है। यह के लोग भी निर्माण के दौरान भारी धूल से परेशान थे। वजह सडक़ पर लगातार पानी छिडक़ाव नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा भारी वाहनों की गति पर भी कोई लगाम नहीं लगाया जा रहा है। जबकि इंजीनियर व ठेकेदार को इस समस्या से कई बार अवगत कराया गया है। लेकिन जनता की समस्या से इन नुमाइंदों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन से त्वरित कार्यवाही की मांग की है।


