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मुक्तिधाम में मृतक की अस्थि कोई दूसरा उठा ले गया, परिजनों में आक्रोश…

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मुक्तिधाम लखोली नाका में देर तक रहा अफरा-तफरी का माहौल
० पुलिस में रिपोर्ट व कलेक्टर से की जाएगी शिकायत

राजनांदगांव (दावा)। शहर के लखोली नाका स्थित मुक्तिधाम में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई जब मृतक परिवार के लोगों को अपने संबंधी की अस्थि कब्रस्तान से गायब पाई। इससे उनके होश फाख्ता हो गए। और मुक्ति धाम में हो-हल्ला होने पर मीडिया वाले भी पहुंच गए। इधर परिजनों द्वारा यहां वहां नजर डालने पर भी उनके संबंधी की अस्थि कही भी नहीं मिलने से उनके क्रोध और भी भडक़ गया और इसका ठीकरा मुक्तिधाम का देखरेख व मृतकों का रजिस्टर मेंटेन करने वाली महिला पर फोड़ी। लेकिन किया क्या जा सकता है। मृतक की अस्थि तो कोई दूसरा ले गया है।

मुक्तिधाम की देखरेख करने वाली महिला से जब इस संबंध में पूछा गया तो वह पूरी तरह हाथ झाड़ दी और कहा कि लोग आते हैं और चिंता में पड़ी राख को अपने संबंधी की अस्थि समझ कर लें जाते हैं। इस बात से हैरान मृतक परिवार के लोगों ने जब मृतक रजिस्टर की जांच की तो पता चला कि मृतक चिखली निवासी पंकज चौहान पिंकू की अस्थि को उसके बगल वाले चिंता में दाह्य कर्म हुए मृतक महिला की अस्थि को उनके परिजनों द्वारा ले जाया गया है और उसे शिवनाथ नदी में विसर्जित कर दिया गया है। यह जानकारी होने पर मृतक पंकज चौहान के परिजनों द्वारा माथा पीट लिया गया।

3 नंबर की जगह 2 नंबर की चिता से ले गए अस्थि
मृतक पंकज चौहान पिंकू के छोटे भाई राहुल चौहान ने बताया कि उसके भाई की अचानक मौत हो जाने पर उसकी अंतिम क्रिया कर्म के लिए रविवार शाम तकरीबन सवा 5 बजे लखोली नाका मुक्तिधाम लाया गया। मुक्तिधाम के 2 नंबर वाले चिता में पूरे विधि-विधान से दाह संस्कार किया गया। उसके तीसरे दिन बाद मंगलवार को उठवाना था। इसलिए परिजनों सहित अपने भाई की अस्थि उठाने के लिए यहां आए हुए थे लेकिन जिस चिंता में उसका दाह्य कर्म किया गया, उस चिता से उसके भाई की अस्थि ही गायब थी। बगल वाले तीसरे नंबर की चिता जहां रामनगर पावर हाउस की एक महिला का दाह्य कर्म किया गया था उसके परिजन उठा ले गए। अपने भाई की अस्थि नहीं मिलने पर चौहान परिवार के लोगों ने खासी नाराजगी जाहिर करते हुए किसी भी तरह अपने भाई की अस्थि की मांग की ताकि उसे गंगा में विसर्जन करने के प्रयागराज ले जा सके। लेकिन मुक्तिधाम में तो सब उल्टा हो चुका था। आक्रोशित परिजनों ने मुक्तिधाम संचालित करने वाले गौ-शाला पिंजरापोल वालों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने व कलेक्टर से शिकायत करने की बात कही।

मामला बिगड़ते देख 3 नंबर की बजाय 2 नंबर की चिता से अस्थि उठा लेने वाले मृतक महिला के परिजनों को बुलाया गया। लेकिन इसे अपनी भूल बताते हुए माफी मांग ली।
आखिर मुक्तिधाम वाले किस बात का लेते हैं पैसा
अपने भाई की अस्थि जाया होने से आक्रोशित राहुल चौहान ने इस लापरवाही का ठीकरा गौ-शाला पिंजरापोल पर फोड़ा और मृतक के अंतिम संस्कार के लिए 32 सौ रुपए लेने के बाद मुक्तिधाम में सुरक्षा की गारंटी नहीं देने पर खासा आक्रोश जाहिर किया। चौहान परिवार के साथ मुक्तिधाम में अस्थि लाने गए लोगों ने बताया कि व्यवस्था की लापरवाही के चलते यहां पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी है। अस्थियां भी किसी दूसरे द्वारा ले जाई जा चुकी है। लोगों द्वारा कहा गया कि तो मुक्तिधाम संचालित करने वाले आखिर किस बात का हजारों रुपए लेते हैं ?
सुरक्षा के अभाव में अपने मृतक भाई की अस्थि नहीं मिलने से परेशान व रुआंसे हो चुके राहुल चौहान ने उक्त संबंध पुलिस थाने रिपोर्ट दर्ज कराने सहित मुक्तिधाम की लापरवाहीपूर्ण व्यवहार के खिलाफ कलेक्टर से शिकायत करने की बात कही है। ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। अब देखना यह है कि इस लापरवाही पूर्ण घटना के लिए मुक्तिधाम संचालित करने वाली संस्था के खिलाफ कार्रवाई होती है या नही।

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