Home छत्तीसगढ़ वैश्विक ऊर्जा संकट की मार : जिले के निर्माण कार्यों पर ब्रेक,...

वैश्विक ऊर्जा संकट की मार : जिले के निर्माण कार्यों पर ब्रेक, ठेकेदारों ने विभाग को दी फोर्स मेज्योर की सूचना देंगे…

22
0

राजनांदगांव। मध्य पूर्व में जारी अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और युद्ध के हालातों ने अब स्थानीय विकास कार्यों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगाना शुरू कर दिया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पेट्रोलियम आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान के कारण निर्माण एजेंसियों ने हाथ खड़े करने शुरू कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोािएशन के अध्यक्ष विरेश शुक्ला आज लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को पत्र लिखकर अप्रत्याशित घटना की सूचना देंगे। ठेकेदारों द्वारा विभाग को भेजे गए पत्र के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई हैं। इसका सीधा असर बिटुमेन (डामर), इमल्शन, स्टील, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता पर पड़ा है। तेल टैंकरों और एलएनजी वाहकों की आवाजाही बाधित होने से रसद की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है, जिससे हॉट मिक्स प्लांट, बैचिंग प्लांट और भारी मशीनरी का संचालन मुश्किल हो गया है।

मजदूर शिविरों में एलपीजी का संकट
चौंकाने वाली बात यह है कि केवल निर्माण सामग्री ही नहीं, बल्कि श्रमिक शिविरों के लिए जरूरी एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। 5 मार्च 2026 के सरकारी आदेशों का हवाला देते हुए बताया गया है कि ईंधन वितरण नेटवर्क में अस्थिरता के कारण साइट पर काम करने वाले श्रमिकों के रख-रखाव में भारी कठिनाई आ रही है। संसाधनों के अभाव में मशीनों और परिवहन वाहनों के पहिए थम गए हैं, जिससे प्रोजेक्ट की उत्पादकता गिर गई है। इसे देखते हुए ठेकेदारों ने विभाग से मांग की है कि युद्ध के कारण हुई देरी के लिए उन्हें जिम्मेदार न ठहराया जाए। अनुबंध के तहत समय विस्तार प्रदान किया जाए। किसी भी प्रकार के दंड या नुकसान की वसूली से छूट दी जाए। कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि ये परिस्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर हैं। उन्होंने भविष्य में सामग्री की बढ़ी हुई कीमतों और अतिरिक्त खर्चों के लिए मुआवजे का दावा करने का अधिकार भी सुरक्षित रखा है। यदि युद्ध की स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो जिले में चल रहे कई महत्वपूर्ण सडक़ और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट अधूरे लटक सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here