० राजस्व बढ़ाने की कवायद : घुमका, खुज्जी और रंगीटोला में शराब बिक्री की तैयारी
० पिछले साल 430 करोड़ का लक्ष्य हुआ था हासिल, अब नए ठिकानों से करोड़ों बटोरने का लक्ष्य
राजनांदगांव (दावा)। जिले में शराब प्रेमियों के लिए सुविधा और सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने की दिशा में आबकारी विभाग ने बड़ी तैयारी कर ली है। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दिन यानी 1 अप्रैल से जिले में तीन नई शराब दुकानें खुलना तय हो गया है। राज्य शासन की मंजूरी के बाद विभाग अब घुमका, खुज्जी और रंगीटोला (चिचोला) में काउंटर खोलने जा रहा है। हालांकि, इस फैसले ने जिले में राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में उबाल ला दिया है।
गौरव ग्राम घुमका में छिड़ा संग्राम
सबसे अधिक विरोध घुमका में देखा जा रहा है। गौरव ग्राम का दर्जा प्राप्त घुमका में पहले भी शराब दुकान खोलने की कोशिशें हुई थीं, लेकिन जनता के भारी विरोध के कारण सरकार को कदम पीछे खींचने पड़े थे। ग्रामीणों का कहना है कि गौरव ग्राम की मर्यादा को ताक पर रखकर शराब परोसना जनविरोधी कदम है। आशंका जताई जा रही है कि 1 अप्रैल से पहले यह विरोध एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है।
आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
जिले में वर्तमान में 17 कंपोजिट और भदौरिया चौक पर एक प्रीमियम शॉप संचालित है। सूत्रों की मानें तो सालाना बिक्री के मामले में राजनांदगांव की स्थिति अन्य बड़े जिलों की तुलना में पीछे थी। इसी परफॉरमेंस को सुधारने और सरकारी खजाना भरने के लिए विभाग ने नई दुकानें खोलने की सिफारिश की थी, जिसे हरी झंडी मिल गई है। आबकारी विभाग के लिए बीता वित्तीय वर्ष (2025-26) सफल रहा है। जिसमें 430 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य को हासिल किया गया। अब नए सत्र के लिए विभाग को और भी बड़ा लक्ष्य दिया गया है। इसी दबाव के चलते जनविरोध के बावजूद प्रशासन नए ठिकानों पर शराब बेचने पर आमादा नजर आ रहा है।
सामाजिक और राजनीतिक विरोध
विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार के इस फैसले को शराब मुक्त प्रदेश के वादों के विपरीत बताया है। खुज्जी और रंगीटोला में भी स्थानीय स्तर पर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। अब देखना यह होगा कि 1 अप्रैल को ये दुकानें शांतिपूर्ण ढंग से खुल पाती हैं या जनता का आक्रोश भारी पड़ता है।



