राजनांदगांव (दावा)। शहर की प्रतिष्ठित और संस्कारधानी की ऐतिहासिक शिक्षण संस्था गुजराती राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक शाला में छात्र-छात्राओं के हित में आधार अपडेट शिविर का आयोजन किया गया। नगर निगम के सहयोग से आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पालकों को आधार संबंधी कार्यों के लिए होने वाली भागदौड़ और असुविधा से बचाना था। शाला में रूक्च के तहत दो बार शिविर लगाए गए, जिसमें न केवल गुजराती स्कूल के छात्र-छात्राओं ने, बल्कि अन्य स्कूलों के बच्चों ने भी अपना आधार अपडेट करवाया। पालकों ने स्कूल प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शाला शिक्षा के साथ-साथ अपने सामाजिक दायित्वों का भी बखूबी निर्वहन कर रही है।
संस्कार, शिक्षा और गौरवशाली इतिहास
शाला की प्राचार्या श्रीमती सुषमा शुक्ला ने बताया कि 1957 से संचालित यह संस्था न्यूनतम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां से निकले विद्यार्थी आज शासन-प्रशासन के उच्च पदों पर आसीन हैं। इस दौरान वर्तमान एएसपी श्रीमती गीता वाधवानी और अपर कलेक्टर आस्था बोरकर जैसी अधिकारी इस विद्यालय की भूतपूर्व छात्राएं रही हैं। इसके अलावा यहां के छात्र व्यापार और अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में भी शहर का नाम रोशन कर रहे हैं। गुजराती स्कूल वर्तमान समय की मांग को देखते हुए बच्चों को वैदिक गणित के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से शिक्षा प्रदान कर रहा है। शाला में संस्कारवान पीढ़ी तैयार करने पर विशेष बल दिया जाता है ताकि बच्चे राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।
प्रवेश प्रारंभ : पहले आओ-पहले पाओ
वर्तमान में शाला में नए सत्र के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर न्यूनतम शुल्क और विशेष छूट के साथ प्रवेश दिया जा रहा है। सीमित सीटों के कारण पालकों में अपने बच्चों के प्रवेश को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।



