7 एकड़ में अवैध निर्माण का खेल : डायवर्सन में फर्जीवाड़े और गलत जानकारी देने का गंभीर आरोप
राजनांदगांव (दावा)। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम ठाकुरटोला के पास स्थित ककरेल में नियमों और कायदों को ताक पर रखकर एक विशाल वॉटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 7 एकड़ के क्षेत्रफल में फैले इस प्रोजेक्ट में भू-परिवर्तन (डायवर्सन) से लेकर निर्माण अनुमति तक में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर से शिकायत किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य का धड़ल्ले से जारी रहना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वॉटर पार्क के लिए किए गए डायवर्सन में प्रशासन को गुमराह किया गया है। शिकायत के अनुसार इंजीनियर द्वारा तैयार नक्शे में मौके पर दुकानें दिखाई गई हैं, जो वास्तव में वहां अस्तित्व में ही नहीं हैं। पूरे भूखंड को 6 अलग-अलग टुकड़ों में डायवर्सित कराया गया है और सभी में पहुंच मार्ग (सडक़) दिखाया गया है, जबकि जमीनी हकीकत में वहां पहुंचने का कोई उचित रास्ता तक नहीं है। नियमानुसार डायवर्सन के लिए विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में इन प्रक्रियाओं को दरकिनार कर दिया गया।
नियमों की अनदेखी : सुरक्षा-पर्यावरण खतरे में
वॉटर पार्क जैसे सार्वजनिक मनोरंजन स्थल के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से लेआउट अनुमोदन कराना अनिवार्य है। जिसका पालन नहीं किया गया है। इसके अलावा पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निर्माण नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि भविष्य में कोई दुर्घटना होती है, तो जनता की सुरक्षा की जवाबदेही किसकी होगी? आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वॉटर पार्क के अवैध निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए। फर्जी जानकारी के आधार पर किए गए डायवर्सन को तत्काल रद्द किया जाए। बिना अनुमति के किए गए निर्माण को ध्वस्त कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
इस संबंध में वॉटर पार्क प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र प्रदर्शन को बाध्य होंगे।



