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खौफनाक : 1 लाख की रिश्वत नहीं देने पर ढहा दिया प्रधानमंत्री आवास, बेघर मजदूर पहुंचा जनदर्शन…

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डोंगरगांव नगर पंचायत के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप, पीडि़त ने कलेक्टर से मांगी न्याय की गुहार

राजनांदगांव (दावा)। एक ओर शासन सबको पक्का मकान देने का दावा कर रही है। वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार की भेंट चढक़र एक गरीब का आशियाना उजडऩे का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डोंगरगांव निवासी एक मजदूर ने जिला कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचकर नगर पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीडि़त का कहना है कि 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग पूरी नहीं होने पर उसके निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास को बिना किसी नोटिस के जमींदोज कर दिया गया।

पट्टा और स्वीकृति के बाद भी बरपा सरकारी कहर
पीडि़त मयंक यादव ने कलेक्ट्रेट में अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि वह मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता है। उसे नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जमीन का पट्टा और मकान निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसने अपने सपनों का घर बनाना शुरू किया था, लेकिन नगर पंचायत के कुछ रसूखदार अधिकारियों की नजर उसके आशियाने पर पड़ गई।

1 लाख रुपये की डिमांड और फिर तबाही
मयंक का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान उससे 1 लाख रुपये की अवैध मांग की गई। गरीब मजदूर ने जब इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थता जताई, तो अधिकारियों ने उसे अंजाम भुगतने की धमकी दी। मंगलवार को पीड़ित ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना या कानूनी नोटिस के नगर पंचायत के कर्मचारी बुलडोजर लेकर पहुँचे और उसके सपनों के महल को मलबे में तब्दील कर दिया।

भ्रष्टाचार की आग में जला गरीब का सपना
मकान ध्वस्त होने से अब मयंक और उसका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। पीड़ित ने कलेक्टर के समक्ष दुखड़ा रोते हुए कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों ने अपनी जेब भरने के चक्कर में एक गरीब को बेघर कर दिया है। उसने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने और उसे दोबारा मकान दिलाने की मांग की है।

कलेक्टर ने दिया जांच का आश्वासन
जनदर्शन में इस संवेदनशील मामले को सुनने के बाद जिला प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या वाकई नगर पंचायत डोंगरगांव में पैसे दो और मकान बनाओ का खेल चल रहा है? यदि मयंक के पास वैध दस्तावेज और पट्टा था, तो बिना नोटिस के उसका घर क्यों तोड़ा गया? इस घटना ने प्रशासनिक गलियारों में हडक़ंप मचा दिया है।

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