राजनांदगांव (दावा)। शहर में जालसाजी और ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ताजा मामले में एक शातिर आरोपी ने चौपाटी स्थित राजगामी संपदा की दुकान को अपना मालिकाना हक बताकर एक व्यक्ति से साढ़े छह लाख रुपये की ठगी कर ली। रकम ऐंठने के बाद आरोपी फरार हो गया है। जिसकी तलाश में बसंतपुर पुलिस जुट गई है। पीडि़त प्रार्थी गौरव बावनकर ने बसंतपुर थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि आरोपी इंदर सिंह राठौर अक्सर उसकी दुकान पर आता-जाता था। जिससे दोनों के बीच जान-पहचान हो गई थी। इसी निकटता का फायदा उठाते हुए इंदर सिंह ने गौरव को झांसा दिया कि चौपाटी में स्थित दो दुकानों का वह स्वयं मालिक है।
प्रार्थी आरोपी की बातों में आ गया और दोनों दुकानों का सौदा 6 लाख 50 हजार रुपये में तय हुआ। शातिर ठग ने गौरव का विश्वास जीतने के लिए बाकायदा स्टाम्प पेपर पर दुकान बेचने का इकरारनामा भी तैयार करवाया। जैसे ही गौरव ने पूरी रकम इंदर सिंह को सौंपी, आरोपी पैसा लेकर रफूचक्कर हो गया। रुपये देने के बाद जब प्रार्थी ने दुकानों के मालिकाना हक की जांच की। तब उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि जिन दुकानों का सौदा किया गया है। वे इंदर सिंह की नहीं बल्कि राजगामी संपदा की सरकारी संपत्ति हैं। ठगी का अहसास होने पर पीडि़त ने तत्काल पुलिस की शरण ली। बसंतपुर पुलिस ने गौरव बावनकर की शिकायत पर आरोपी इंदर सिंह राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीम आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। शहर में हाल के दिनों में हुई झपटमारी और इस तरह की ठगी की घटनाओं ने पुलिस प्रशासन की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


