नीरज पब्लिक स्कूल पेंड्री में अब बच्चे सीखेंगे रोबोटिक्स, तकनीक से संवरेगा भविष्य
राजनांदगांव (दावा)। शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिकता और नवाचार को अपनाते हुए पेंड्री स्थित नीरज पब्लिक स्कूल ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विद्यालय में इस शैक्षणिक सत्र से कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए रोबोटिक्स कक्षाओं की शुरुआत की जा रही है। इस कदम से अब स्कूली बच्चे छोटी उम्र से ही कोडिंग, मैकेनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बुनियादी बारीकियों को समझ सकेंगे। नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) पर केंद्रित पहल विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यह नई शुरुआत भारत सरकार की नई शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है। एनईपी 2020 में छात्रों को प्रारंभिक स्तर से ही स्किल-आधारित और प्रायोगिक शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया गया है। रोबोटिक्स के माध्यम से शिक्षा को अधिक रचनात्मक और भविष्य उन्मुख बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
विद्यार्थियों को होंगे ये लाभ रोबोटिक्स कक्षाओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है। इससे छात्रों को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे। रचनात्मकता का विकास : बच्चे स्वयं के प्रोजेक्ट और रोबोटिक मॉडल बनाकर अपनी कल्पना को मूर्त रूप दे सकेंगे। तार्किक सोच : कोडिंग और असेंबलिंग के माध्यम से उनकी समस्या समाधान करने की क्षमता बढ़ेगी। प्रायोगिक ज्ञान : विज्ञान और गणित के कठिन सिद्धांतों को बच्चे अब प्रयोगों के जरिए आसानी से समझ पाएंगे।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि आज की बदलती दुनिया में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। तकनीकी कौशल बच्चों के समग्र विकास के लिए अनिवार्य हो चुका है। इस आधुनिक शिक्षा पद्धति से छात्र भविष्य की चुनौतियों और तकनीकी क्रांति के लिए मानसिक रूप से तैयार होंगे। यह पहल न केवल स्कूल के लिए बल्कि पूरे जिले के शैक्षणिक स्तर के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। हमारा लक्ष्य बच्चों को केवल शिक्षित करना नहीं, बल्कि उन्हें नवाचार के लिए प्रेरित करना है। रोबोटिक्स की ये कक्षाएं पेंड्री क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उज्ज्वल भविष्य की नई राह खोलेंगी।



