दुर्ग के साथी के साथ मिलकर रची थी साजिश; एडवांस लेकर न नौकरी दिलाई, न लौटाए पैसे
डोंगरगढ़ (दावा)। सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगारों को चूना लगाने वाले गिरोह के विरुद्ध डोंगरगढ़ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने प्रार्थिया से एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में काउंसलर के पद पर नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की थी।
4 लाख में तय हुआ था सौदा,
2 लाख लिए एडवांस
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बगदई पारा (अछोली) निवासी आवेदिका श्रीमती ललिता सिंह ने थाना डोंगरगढ़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदिका ने बताया कि नवंबर 2025 में आरोपी आशीष पुर्ती ने अपने एक अन्य साथी काली राम पार्कर (निवासी दुर्ग) के साथ मिलकर उसे झांसा दिया कि उनकी ऊंची पहुंच है और वे उसे एकलव्य आवासीय विद्यालय में काउंसलर की नौकरी लगवा देंगे। इसके बदले आरोपियों ने 4,00,000 रुपये की मांग की थी, जिसमें से 2,00,000 रुपये एडवांस के तौर पर ले लिए गए।
न नौकरी मिली, न पैसे वापस आए
पैसे लेने के महीनों बाद भी जब आवेदिका की नौकरी नहीं लगी, तो उसने अपने पैसे वापस मांगे। आरोपी लगातार बहानेबाजी करते रहे और अंत में रकम वापस करने से साफ मना कर दिया। ठगी का अहसास होने पर पीडि़ता ने पुलिस की शरण ली।
पुलिस की दबिश
और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष जायसवाल के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी आशीष पुर्ती (43 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 04 (अंश होटल के पीछे), डोंगरगढ़ को धर दबोचा। पूछताछ में ठगी की बात पुख्ता होने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले के दूसरे फरार आरोपी काली राम पार्कर की तलाश में जुट गई है। इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक संतोष जायसवाल के साथ उपनिरीक्षक धनलाल सिन्हा, प्रधान आरक्षक रूपेश देवांगन, आरक्षक किशन चंद्रा, राम खिलावन सिन्हा एवं युगेंद्र देशमुख का विशेष योगदान रहा। सावधान- पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के बहकावे में आकर नौकरी के नाम पर रुपयों का लेनदेन न करें।



