देश के पांच सबसे गर्म शहरों में शामिल हुआ संस्कारधानी, सूर्य के रौद्र रूप से जनजीवन बेहाल
राजनांदगांव (दावा)। इस बार बैशाख माह लगते ही सूर्य देवता ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। तेज धूप और गर्मी ऐसा तेवर दिखा रही हैं कि लोग अभी से त्राहि-त्राहि कर उठने लगे हैं। आलम यह है कि राजनांदगांव शहर का तापमान 44 डिग्री पर जा कर पूरे प्रदेश में सबसे गर्म होने का रुतबा हासिल कर लिया। यही नहीं हमारा राजनांदगांव शहर देश के पांच शहरों में भी सर्वाधिक गर्म रहा। अब तो मौसम विभाग ने भी दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे सूरज के ताप की कहर को देखते हुए अगले तीन दिनों में हीट वेव का अलर्ट जारी कर दिया है। इससे आने वाले दिनों में तेज धूप व गर्मी से राहत मिलने की संभावना काफी कम है। मौसम में आए बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है और लोग बीमार हो रहे हैं।
मौसम विज्ञानी एच पी चंद्रा ने बताया कि अभी दो-तीन दिनों तक ग्रीष्म लहर हीट वेव की संभावना है। तापमान का पारा 44 डिग्री सेल्सियस से पार जा सकता है। इसके प्रदेश में राजनांदगांव का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस वहीं सबसे कम 20 डिग्री सेल्सियस तापमान अंबिकापुर का बना हुआ है। तापमान में बढ़ोतरी होने की वजह एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर पूर्व मध्यप्रदेश और उसके आसपास 15 किमी उंचाई तक विस्तारित होना बताया गया है। वहीं एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका दक्षिण पूर्व राजस्थान से मणिपुर तक 1.5 किमी उंचाई तक विस्तारित होना व एक उत्तर दक्षिण द्रोणिका उत्तर दक्षिण द्रोणिका उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश से मन्नार की खाड़ी तक विस्तारित होने की बात कहीं। इसके साथ ही एक और प्रति चक्रवात कर्नाटक और उससे लगे महाराष्ट्र के उपर 3.1 किमी से 5.8 किमी उंचाई तक विस्तारित बताया। बताया गया है कि प्रदेश में अधिकतम तापमान में हल्की वृद्धि के साथ कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। वहीं प्रदेश के एक-दो पैकेट्स में हीट वेव ग्रीष्म लहर चलने की पूरी संभावना बनी हुई है।
स्वास्थ्य पर विपरीत असर, डाक्टर ने दी सलाह
बता दें कि दिनों दिन गर्मी के बढ़ते प्रकोप से लोगों के स्वास्थ्य पर बूरा असर पड़ रहा है। भीषण गर्मी से शरीर का पानी सूख जा रहा है। इससे लोगों में पानी की कमी से चक्कर आने और कमजोरी की शिकायत बढ़ गई है। इसी तरह मौसम के बदलाव से लोग मौसमी बुखार वायरल फीवर के चलते हाथ-पैर में दर्द, पेट में ऐठन मरोड़ उल्टी दस्त की शिकायत सी पीडि़त होने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज हास्पीटल पेंड्री के डाक्टर चेतन साहू ने बताया कि भीषण गर्मी व तेज धूप में दोपहर को घर से बाहर निकलने में परहेज करें। ज्यादा जरूरी होने पर मुंह नाक कान गमछे या तौलिये से बांधकर निकले। पानी का ज्यादा सेवन करें व दही लस्सी, नींबू पानी गन्ना रस शर्बत, आम पना, जल जीरा आदि शीतल पेय इंदु उपयोग में लाएं। इसी तरह ककड़ी, तरबूज, खरबूज का सेवन होते रहना चाहिए। घरों में बच्चों व बूढ़ो के लिए ओआरएस का घोल अवश्य रखें, ताकि समय पडऩे पर तुरंत दिया जा सके। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मजदूर वर्ग के लोग धूप में काम करते हैं वे ज्यादा देर तक धूप में न रहे व थोड़ी-थोडी देर में छांव में आए। गरमी से लोगों के हाथ पैर में जलन व तलुए फटने की शिकायत रहती है। बेहोश भी हो जाते हैं। ऐसी शिकायत होने पर उन्हें तुरंत अस्पताल में ले आए। जहां तस्वीरें इलाज की उपलब्धता रहती है।



