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गौरी नगर में केबल खुदाई बनी जी का जंजाल : खोदी गई सडक़ें दे रही हैं हादसों को न्यौता…

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महीनों बाद भी नहीं भरे गए गड्ढे, वार्डवासियों ने दी चेतावनी- 15 दिनों में मरम्मत नहीं हुई तो करेंगे उग्र आंदोलन

राजनांदगांव (दावा)। शहर के गौरी नगर (वार्ड क्रमांक 13) में विकास के नाम पर बिछाई जा रही केबल अब रहवासियों के लिए काल बन गई है। केबल बिछाने के लिए सडक़ों को जगह-जगह से खोद तो दिया गया, लेकिन काम खत्म होने के बाद उन्हें उनके हाल पर ही छोड़ दिया गया है। इन खुले गड्ढों और मलबे के कारण वार्ड की जनता नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। परेशान वार्डवासियों ने अब लिखित शिकायत सौंपकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

रहवासियों का आरोप है कि सडक़ खुदाई के बाद महीनों बीत चुके हैं, लेकिन मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया। वर्तमान स्थिति यह है कि वाहनों के गुजरने से उड़ती धूल ने लोगों का सांस लेना दूभर कर दिया है। स्ट्रीट लाइट की अव्यवस्था और खुले गड्ढों के कारण रात में चलना किसी खतरे से कम नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।

पालक चिंतित : जलभराव और बीमारियों का बड़ा खतरा
स्थानीय निवासी अभिमन्यु मिश्रा ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण अब घर से निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। पालकों को सबसे ज्यादा डर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द गड्ढे नहीं भरे गए, तो आने वाले समय में यहाँ जलभराव होगा, जिससे न केवल हादसों का खतरा बढ़ेगा। बल्कि मौसमी बीमारियों और मच्छरों का प्रकोप भी फैलेगा। वहीं स्थानीय निवासी राकेश नायक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कई लोग इन गड्ढों के कारण चोटिल हो चुके हैं, लेकिन विभाग को लोगों की जान की कोई परवाह नहीं है।

15 दिन का अल्टीमेटम
वार्डवासियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। उन्होंने बिजली कंपनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अगले 15 दिनों के भीतर सडक़ मरम्मत का कार्य पूर्ण किया जाए। यदि कार्य पूरा नहीं होता है, तो वार्डवासी सडक़ों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। आंदोलन के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए उच्च अधिकारी जिम्मेदार होंगे। गौरी नगर निवासियों का कहना है कि अधिकारी दफ्तरों में बैठे हैं और अधीनस्थ कर्मचारी अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं। जनता की तकलीफ से किसी को सरोकार नहीं है। अब हम चुप नहीं बैठेंगे।

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