दर्दनाक हादसा: 12 साल की बेटी को तैरना सिखाना पड़ा भारी, पिता और पुत्री नहर के तेज बहाव में बहे।
रेस्क्यू ऑपरेशन: गोताखोरों ने निकाला पिता यमन गंजीर का शव, मासूम पल्लवी की तलाश जारी।
बाल-बाल बची जान: ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक अन्य बच्ची दामिनी को डूबने से बचाया।
प्रशासन का एक्शन: सर्च ऑपरेशन के लिए तांदुला और गंगरेल बांध से पानी का बहाव रोका गया।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में आज एक हृदयविदारक घटना घटी। ग्राम धोबनपुरी निवासी यमन गंजीर (35 वर्ष) अपनी ससुराल पीपरछेड़ी आए हुए थे। सोमवार को वे अपनी 12 वर्षीय बेटी पल्लवी गंजीर को तांदुला नहर में तैरना सिखाने ले गए थे।
तैरने के अभ्यास के दौरान अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। पिता और बेटी दोनों ही खुद को संभाल नहीं पाए और लहरों के साथ बह गए। इस दौरान वहां मौजूद एक अन्य बच्ची दामिनी भी पानी की चपेट में आ गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए उसे समय रहते बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के लिए बांधों से रोका गया पानी
घटना की सूचना मिलते ही बालोद पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुँची। नहर में पानी का बहाव इतना तेज था कि रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तांदुला और गंगरेल बांध से पानी की सप्लाई को रुकवाया, जिसके बाद गोताखोर पिता यमन गंजीर का शव बरामद करने में सफल रहे।
ससुराल में पसरा सन्नाटा
मृतक यमन गंजीर पीपरछेड़ी गांव का दामाद था। गर्मी की छुट्टियों में या किसी पारिवारिक मुलाकात के लिए वह ससुराल आया था, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को उम्र भर का गम दे दिया। वर्तमान में पुलिस और रेस्क्यू टीम लापता बच्ची पल्लवी की तलाश में जुटी हुई है।
न्यूज़ डेस्क की अपील:
नहरों और नदियों में पानी का वेग अक्सर सतह से कहीं ज्यादा होता है। बिना सुरक्षा उपकरणों और विशेषज्ञ की निगरानी के गहरे या तेज बहाव वाले पानी में उतरना जानलेवा हो सकता है। कृपया सावधानी बरतें।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और लापता बच्ची के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। गांव का हर व्यक्ति मासूम पल्लवी की सलामती की प्रार्थना कर रहा है



