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सेवा की उपेक्षा- समाजसेवी राजकुमार जैन ने 22 वर्ष पहले बस स्टैंड में शीतल पेयजल की व्यवस्था की थी…

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0 अतिक्रमण की चपेट में प्याऊ घर
0 मुसाफिरों को नहीं मिल पा रहा ठंडा पानी

(देवेश सोनी)
छुईखदान (दावा)। नगर पंचायत छुईखदान का प्रमुख बस स्टैंड जहां रोजाना सैकड़ों यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है आज मूलभूत सुविधाओं के अभाव और अतिक्रमण की मार झेल रहा है। यहा यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 22 वर्ष पहले समाजसेवी राजकुमार जैन द्वारा शीतल पेयजल की व्यवस्था के तहत एक प्याऊ घर का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में यह प्याऊ घर अपनी पहचान और उपयोगिता खोता नजर आ रहा है। बस स्टैंड परिसर में बना यह प्याऊ घर कभी यात्रियों की प्यास बुझाने का प्रमुख केंद्र हुआ करता था गर्मी के दिनों में यहा ठंडा और स्वच्छ पानी मिलने से यात्रियों को काफी राहत मिलती थी। दूर-दराज से आने वाले लोग बस का इंतजार कर रहे यात्री स्थानीय नागरिक और दुकानदार भी इस सुविधा का लाभ उठाते थे, लेकिन समय के साथ-साथ इस व्यवस्था की उपेक्षा होती गई और अब हालात ऐसे हो गए है कि यह सुविधा केवल नाम मात्र की रह गई है।

अतिक्रमण ने छीनी सुविधा
प्याऊ घर के चारों ओर अब फल और अन्य अस्थायी दुकानों का कब्जा हो गया है। दुकानों के कारण शीतल पेय जल तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे न केवल वातावरण खराब हो रहा है बल्कि, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। यात्रियों का कहना है कि, बस स्टैंड में जहां मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध होनी चाहिए वहां अव्यवस्था और अतिक्रमण ने जगह बना ली है, लोग प्यासे ही बस का इंतजार करने को मजबूर है या फिर बाहर से पानी खरीदने पर विवश हो रहे है।

प्रशासन की अनदेखी पर सवाल
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का आरोप है कि, नगर पंचायत अधिकारी सीएमओ द्वारा इस ओर कोई ठोस कदम नही उठाया जा रहा है कई बार शिकायतों के बावजूद अतिक्रमण हटाने और प्याऊ घर की मरम्मत या सफाई की दिशा मे कार्रवाई नही की गई। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नही किया गया तो यह सुविधा पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और आने वाले समय में यात्रियों को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ जाती है ऐसे समय मे प्याऊ घर का बंद या अव्यवस्थित होना यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन जाता है। विशेष रूप से बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे इस परेशानी से सबसे अधिक प्रभावित होते है, सुधार की मांग स्थानीय लोगो ने प्रशासन से मांग की है कि, बस स्टैंड परिसर से अतिक्रमण हटाकर प्याऊ घर को पुन: व्यवस्थित किया जाए साथ ही नियमित सफाई पानी की उपलब्धता और रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाए ताकि यह सुविधा फिर से यात्रियों के लिए उपयोगी बन सके।
नागरिकों का कहना है कि, बस स्टैंड मे पानी पीने की सुविधा बेहद जरूरी है, लेकिन अतिक्रमण के कारण इसका उपयोग नही हो पा रहा है। पहले यहा ठंडा पानी मिलता था अब दुकानों और गंदगी के कारण हालत खराब हो गई है। नगर पंचायत को जल्द कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाना चाहिए और प्याऊ घर को चालू करना चाहिए, यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई गई व्यवस्था का इस तरह उपेक्षित होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

चिंटू महोबिया ने कहा कि, बस स्टैंड व्यापारी छुईखदान प्याऊ घर तो दिखाई ही नही देता साथ ही प्याऊ घर मे गंदगी बहुत है जिसके कारण आने जाने वाले लोग इसका का उपयोग नही कर पाते किशन सिलोटिया व्यापारी बस स्टैंड छुईखदान बस स्टैंड के प्याऊ घर में गंदगी है। अगर प्याऊ घर की व्यवस्था अच्छी रहती तो पूरा बस स्टैंड सहित आने जाने वाले लोग इसका उपयोग करते कुलदीप झा सीएमओ नगर पंचायत छुईखदान नगर पंचायत जाने पर सीएमओ के रूम का दरवाजा बंद था, कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि बैठक में गए है लगातार फोन लगाने के बाद फोन को नही रिसीव किए।

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