कार्यकर्ताओं ने कहा – ‘अतिथि देवो भव:’ का पालन कर शांति से सुनी बात, भविष्य में मर्यादा में रहने की दी सलाह
डोंगरगढ़ (दावा)। शहर भाजपा मंडल प्रभारी भावेश बैद द्वारा स्थानीय रेस्ट हाउस में आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में दिए गए एक विवादित बयान ने तूल पकड़ लिया है। बैठक में कार्यकर्ताओं को गुटबाजी से दूर रहने की सलाह देते हुए प्रभारी ने डोंगरगढ़ के प्रथम नागरिक (नगर पालिका अध्यक्ष) को ‘कारण बताओ नोटिस’ देने की बात कही, जिस पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और संस्थापक सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
हमारी आन-बान और शान हैं
नगर पालिका अध्यक्ष व पार्षद
वरिष्ठ नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षद डोंगरगढ़ भाजपा की आन-बान और शान हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से प्रभारी को समझाइश देते हुए कहा गया कि डोंगरगढ़ के कार्यकर्ता अपनी मर्यादाओं को अच्छी तरह जानते हैं, अन्यथा नोटिस की बात कहने के बाद प्रभारी का शांतिपूर्वक वापस जाना संभव नहीं होता। कार्यकर्ताओं ने ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा का सम्मान करते हुए उनकी बातें सुनीं। उन्होंने नसीहत दी कि प्रभारी अगली बार डोंगरगढ़ आएं, तो कार्यकर्ताओं के सम्मान का ध्यान रखें।
भाजपा किसी की प्राइवेट लिमिटेड नहीं
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में वरिष्ठ नेताओं ने सीधे शब्दों में कहा कि भाजपा किसी की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं है। उन्होंने प्रभारी की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्होंने जनहित के कितने कार्य किए हैं? नेताओं ने आरोप लगाया कि केवल बड़े नेताओं के आशीर्वाद और चाटुकारिता के दम पर आगे बढऩे वाले लोग कार्यकर्ताओं पर धौंस जमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रायपुर और राजनांदगांव के कई बड़े सम्मानित नेता डोंगरगढ़ को भलीभांति जानते हैं, लेकिन उन्होंने कभी इस तरह का अनर्गल व्यवहार नहीं किया।
गुटबाजी के लिए बाहरी प्रत्याशी जिम्मेदार
वरिष्ठ नेताओं ने बैठक में उठाए गए गुटबाजी के मुद्दे पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि डोंगरगढ़ में गुटबाजी यहां के कार्यकर्ताओं की देन नहीं है, बल्कि चुनाव के समय बाहर से आने वाले दर्जनों दावेदारों के कारण पैदा होती है। जब किसी एक को टिकट मिलता है, तो बाकी दावेदार ही प्रत्याशी को निपटाने में लग जाते हैं। इसमें जमीनी कार्यकर्ताओं का कोई दोष नहीं है।
पद का रौब न दिखाएं प्रभारी
प्रभारी द्वारा ‘केंद्र तक पहुंच’ होने की बात पर कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का सम्मान करते हैं क्योंकि वे सरकार की धुरी हैं और देश के लिए कार्य कर रहे हैं। कार्यकर्ता उनके जिम्मेदार सिपाही हैं, किसी की चाकरी नहीं करते जो किसी के रौब से डर जाएं। नेताओं ने अंत में कहा कि भविष्य में भी प्रभारी का स्वागत है, लेकिन उन्हें अपनी मर्यादा और कार्यकर्ताओं की इज्जत का ख्याल रखना होगा।



