0 हिचकोले खाते चल रहे वाहन चालक। 0 दुर्घटना की आशंका बढ़ी
गंडई पंडरिया :- केसीजी जिला बनने के बाद भी नगर की हालत नहीं सुधर पा रही है इससे नगरवासियों में आक्रोश छाया हुआ है। एक भी ऐसा कोई काम जिला स्तर का देखने को नहीं मिल रहा है। यहां तक कि मूलभूत सुविधाएं बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य बदहाल स्थिति में है। गंडई की सड़कों का तो हाल -बेहाल है, कई मर्तबा ध्यान आकृष्ट कराए जाने के बावजूद नगर के खस्ता हाल सड़कों को सुधारने की दिशा में विभाग द्वारा कोई सकारात्मक पहल नहीं किए जाने से आक्रोशित नगरवासियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार नगर के पंडरिया पहुंच मार्ग की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गड्ढे हो जाने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। इसकी शिकायत लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से की गई है। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
उल्लेखनीय है कि गंडई से पंडरिया दो किलोमीटर की सड़क पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो गई है। इसके कारण इस मार्ग में आने जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों ने परेशानी गिनाते हुए बताया कि नगर की सबसे व्यस्त मार्ग की हालत देखने के बाद अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं। नगर सहित ग्रामीणों की भी आवाजाही इसी सड़क से होती है। इसका निर्माण 4 वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग के द्वारा कराया गया था। जिला बनने के बाद भी मुख्य सड़कें जस की तस है। कई सड़कें बन रही हैं परंतु इस ओर विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। गंडई से पंडरिया मार्ग में नगर की मुख्य दुकानें है इनके संचालक बारिश के दिनों में गड्ढे और सूखे के दिन में धूल से परेशान रहते हैं। इस प्रकार से नगर के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद भी लोक निर्माण विभााग के अधिकारी लोगों की परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
व्यस्ततम मार्ग की बदहाल स्थिति -:
नगर के पंडरिया – कोपेभाठा -मुख्य चौक – टिकरापारा मार्ग का हाल बेहाल है। मुख्य चौक से पंडरिया तक का मार्ग में भारतीय स्टेट बैंक, जिला सहकारी बैंक, सामुदायिक स्वास्थ्य, पीएमश्री शासकीय विद्यालय, शासकीय कन्या विद्यालय सहित तीन निजी विद्यालय एवं दो शासकीय प्राथमिक शाला स्थित है। इस प्रकार प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे नगर एवं गांव से पढ़ाई के लिए आते है। जो मुख्य मार्ग से गुजरते हुए विद्यालय आते-जाते हैं।
हजारों लोग करते हैं आवाजाही – :
गंडई में मुख्य मार्ग से हजारों लोग आवाजाही करते है। गौर करने वाली बात है कि जिला प्रशासन को जिला बनने के बाद गंडई की चिंता ही नहीं है। गंडई की स्थिति जिला बनने के पहले से भी बद से बदतर हो गई है। जबकि प्रति सप्ताह टीएलई की बैठक के तमाम अधिकारी विभागों की समीक्षा करते है। अधिकारी पता नहीं कौन से बात की चर्चा बैठक में करते है।
सड़कें हो जाती है पानी से लबालब-:
नगर का मुख्य मार्ग बारिश होते ही पानी से लबालब हो जाता है। पहला नजारा – स्टेट बैंक के सामने तो बारिश होते ही तालाब दिखाई देने लगता है। दूसरा नजारा – बारिश होते ही नगर के रावण मैदान के सामने से ढाबा – कटंगी मार्ग के गढ्ढों में पानी भर जाता है। जिससे नगर एवं ग्रामवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। तीसरा नजारा – जिले की आराध्य देवी मां गंगई के सामने भी तालाब जैसा नजारा रहता है। नगर के सड़कों के गढ्ढे बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित कर रहे है। टिकरीपारा मार्ग का भी यही हाल है। इस प्रकार बारिश के मौसम में गंडई में चलना दूभर हो जाता है।
वर्जन :- ठेकेदार को नोटिश भेजा गया है अभी तक कोई जवाब नहीं मिला एक-दो दिन में नए टेंडर के लिए प्रक्रिया किया जाएगा।
रितेंद्र गजपाल एसडीओ पीडब्ल्यूडी छुईखदान



