० भीषण गर्मी में पानी की तलाश में मुख्य सडक़ तक पहुंचा वन्यजीव, राहगीरों को देख अपनाया आक्रामक रुख
० जंगल से लगे गांवों में अलर्ट, अकेले जाने के बजाय समूह में चलने और वन्यजीव को न छेडऩे की अपील
डोंगरगढ़/चारभांठा (दावा)। ग्राम बागरेकसा से माडियान जाने वाले मुख्य मार्ग पर बागरेकसा गांव के बिल्कुल नजदीक दिनदहाड़े एक विशालकाय भालू सडक़ के किनारे देखा गया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों और राहगीरों में जबरदस्त दहशत का माहौल है। माना जा रहा है कि इस समय पड़ रही भीषण गर्मी और पानी के स्रोतों के सूखने के कारण यह वन्यजीव पानी की तलाश में भटकते हुए जंगल से निकलकर मुख्य मार्ग तक पहुंच गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब रास्ते से गुजर रहे राहगीर कौतूहलवश रुककर उसे देखने लगे तो इंसानी दखल से भालू ने अचानक आक्रामक रुख अपना लिया और अपने दोनों पैरों पर खड़ा हो गया। हालांकि, कुछ देर बाद भालू बिना किसी को नुकसान पहुंचाए वापस जंगल की ओर लौट गया। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को बेहद सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, पास के कोहलकसा जंगल में भी भालुओं की सुगबुगाहट पाई गई है। जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में खतरा और अधिक बढ़ गया है।
वन्यजीव को देखकर कौतूहल न दिखाएं, तुरंत बनाएं सुरक्षित दूरी
कोहलकसा और बागरेकसा जंगल की सीमा से लगे पूरे गांवों, क्षेत्र के निवासियों और इस मार्ग से नियमित गुजरने वाले राहगीरों को वन विभाग व जानकारों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लकड़ी बिनने, महुआ या अन्य वनोपज का संग्रह करने जंगल जाने वालों को हिदायत दी गई है कि रास्ते में या जंगल के आसपास भालू दिखने पर कौतूहलवश रुककर उसे देखने, उसका वीडियो बनाने या उसे परेशान करने की गलती कतई न करें और तुरंत चुपचाप सुरक्षित दूरी बना लें।
अकेले जाने से बचें, शोर मचाने या पत्थर फेंकने की भूल न करें
प्रभावित क्षेत्रों और जंगल वाले रास्तों पर हमेशा अकेले जाने के बजाय समूह (ग्रुप) में चलें। चलते समय आपस में बातचीत करते रहें या थोड़ी आवाज करते रहें, ताकि जानवर आपकी मौजूदगी से पहले ही सतर्क होकर खुद रास्ता छोड़ दे। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वन्यजीव को अचानक सामने देखकर घबराकर चिल्लाने, भगदड़ मचाने, शोर करने या उस पर पत्थर फेंकने जैसी आक्रामक हरकत भूलकर भी न करें। ऐसी स्थिति में भालू डरकर या भडक़कर आत्मरक्षा में सीधे इंसानों पर जानलेवा हमला कर सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में किसी भी वन्यजीव की दोबारा हलचल दिखने पर तत्काल इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दें।



