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शिक्षा के क्षेत्र में रॉयल किड्स कॉन्वेंट पर बढ़ा पैरेंट्स का भरोसा, नए सत्र के एडमिशंस में जबरदस्त उछाल…

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० महानगरों और इंटरनेशनल स्कूलों की तर्ज पर एआई व स्मार्ट टेक्नोलॉजी से लैस हुए क्लासरूम
० कॉर्पोरेट जगत के लीन सिक्स सिग्मा और डीमैक मॉडल को अपनाने वाला क्षेत्र का पहला अनूठा संस्थान

राजनांदगांव (दावा)। शिक्षा के बदलते परिवेश में बच्चों के होलिस्टिक डेवलपमेंट (सर्वांगीण विकास) को प्राथमिकता देने वाले अग्रणी संस्थान रॉयल किड्स कॉन्वेंट में इस सत्र में दाखिले के लिए पालकों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। देश और दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित बड़े ब्रांड स्कूलों की तर्ज पर संस्थान द्वारा अपनाई गई सुव्यवस्थित एवं मॉडर्न कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेस) के चलते इस वर्ष नए सत्र के एडमिशंस में रिकॉर्ड तोड़ रिस्पॉन्स मिला है। राजनांदगांव और आसपास के पैरेंट्स के बीच रॉयल किड्स कॉन्वेंट आज सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को गढऩे वाला सबसे भरोसेमंद सेंटर बनकर उभरा है। ग्लोबल स्तर की बेहतरीन शैक्षणिक प्रथाओं को सिलसिलेवार तरीके से लागू कर स्कूल ने यह मुकाम हासिल किया है।

ग्लोबल स्टैंडर्ड्स ने बनाया स्कूल को खास
महानगरों के इंटरनेशनल स्कूलों की तरह रॉयल किड्स कॉन्वेंट ने अपनी पारंपरिक कक्षाओं को पूरी तरह से टेक्नोलॉजी इनेबल्ड स्मार्ट क्लासरूम में बदल दिया है। यहाँ एआई टूल्स और कस्टमाइज्ड लर्निंग मॉड्यूल्स के जरिए हर बच्चे की क्षमता के अनुसार उसे पर्सनलाइज्ड लर्निंग (व्यक्तिगत ध्यान) दी जा रही है। सुरक्षा को लेकर प्रबंधन ने कोई समझौता नहीं किया है। पूरे परिसर, विशेषकर एग्जामिनेशन हॉल्स व संवेदनशील क्षेत्रों में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है। कड़े वेरिफिकेशन नियमों के जरिए बच्चों के लिए 100 प्रतिशत सुरक्षित और भयमुक्त एनवायरनमेंट तैयार किया गया है, जिसने वर्किंग पैरेंट्स को बड़ी निश्चिंतता दी है। विद्यालय ने अपनी प्रशासनिक और एकेडमिक व्यवस्था को एरर-फ्री (त्रुटिहीन) बनाने के लिए कॉर्पोरेट जगत के मशहूर लीन सिक्स सिग्मा सिद्धांतों को अपनाया है। यहा डीमैक (डिफाइन, मेजर, एनालाइज, इम्पू्रव, कंट्रोल) पद्धति के जरिए शिक्षकों की प्रोडक्टिविटी, टाइम मैनेजमेंट और सिलेबस की डिलीवरी को साइंटिफिक रूप दिया गया है। देश के गिने-चुने स्कूल ही इस स्तर के ऑर्गनाइज्ड मैनेजमेंट का उपयोग करते हैं। स्कूल ने अपने शिक्षकों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के वेबिनार्स, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी वर्कशॉप्स और एजुकेटर डेवलपमेंट प्रोग्राम्स से लगातार जोड़े रखा है। राष्ट्रीय स्तर के रिसोर्स पर्सन्स के मार्गदर्शन में यहां के टीचर्स अत्याधुनिक शिक्षण पद्धतियों (पेडागोजी) से लैस हैं। स्कूल में मॉडर्न क्लासरूम डिजाइन, हाई-टेक साइंस और कंप्यूटर लैब्स के साथ एक समृद्ध लाइब्रेरी की व्यवस्था है। साथ ही बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए योग क्लासेस और खेलकूद के लिए सुव्यवस्थित स्पोर्ट्स ग्राउंड तैयार किया गया है। स्कूल प्रबंधन ने काह कि हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चे की पर्सनालिटी का संपूर्ण विकास करना है। इस वर्ष एडमिशंस में जो जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। वह हमारे इसी विजन और इंटरनेशनल स्तर की व्यवस्थाओं पर पैरेंट्स की मुहर है।

सीटें फूल होने की कगार पर
इन सभी पैमानों को जमीनी स्तर पर सुनियोजित तरीके से लागू करने का ही परिणाम है कि एडमिशन प्रोसेस शुरू होते ही सीटों के लिए होड़ मच गई है। इस शानदार सफलता और पालकों के भरोसे पर प्रबंधन समिति की अध्यक्षा डॉ. सविता जेबी सिंह, उपाध्यक्ष अशोक चौधरी एवं बरसर डॉ. आई.के. वैष्णव ने गहरी खुशी जताई है। स्कूल प्रशासन के अनुसार, चुनिंदा क्लासेस में सीटें अब सीमित ही बची हैं। जिसके लिए पैरेंट्स एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस से तत्काल संपर्क कर सकते हैं।

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