रायपुर/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष जांच अभियान के दौरान जिले में एक साथ 57 लोग एचआईवी (HIV) पॉजिटिव पाए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में संक्रमितों के मिलने से पूरे स्वास्थ्य अमले और प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। इस बीच, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए जनता से पैनिक न होने की अपील की है।
पूरे प्रदेश में चल रहा है महा-अभियान: स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बयान जारी कर कहा कि सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा:
“हम केवल रायगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर HIV पीड़ित लोगों की पहचान और जांच कर रहे हैं। इस जांच के दौरान जो लोग भी पॉजिटिव आ रहे हैं, उन्हें बिल्कुल भी घबराने की आवश्यकता नहीं है।”
नशे के खिलाफ पुलिस और प्रशासन सख्त
शुरुआती जांच और मंत्री जी के बयान से यह संकेत मिले हैं कि युवाओं में नशीली दवाओं (Drugs) के बढ़ते चलन और संक्रमित सिरिंज (सुई) को एक-दूसरे के साथ साझा करने की वजह से यह संक्रमण तेजी से फैला है। स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया कि जो युवा नशीली दवाइयों का अवैध रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके खिलाफ पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी है।
‘सरकार के पास इलाज के पर्याप्त इंतजाम’
संक्रमितों को ढांढस बंधाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार के पास HIV के इलाज और काउंसलिंग के लिए पर्याप्त संसाधन और दवाइयां (ART – Antiretroviral Therapy) मौजूद हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि समाज और परिवारों को भी इसके प्रति जागरूक होना पड़ेगा। नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने और इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की आम जनता से अपील:
जांच से न डरें: अगर किसी को भी संक्रमण का अंदेशा हो, तो वे सरकारी अस्पतालों के ICTC केंद्रों में जाकर मुफ्त और पूरी तरह गोपनीय जांच करा सकते हैं।
असुरक्षित सुइयों से बचें: टैटू बनवाने या अस्पताल में इलाज के दौरान हमेशा नई डिस्पोजेबल सिरिंज का ही उपयोग सुनिश्चित करें।
भेदभाव न करें: HIV पीड़ित मरीजों को सामाजिक सहयोग की आवश्यकता होती है, उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव या सामाजिक बहिष्कार न करें।
फिलहाल, रायगढ़ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमित पाए गए सभी 57 लोगों को चिन्हित कर उनका इलाज और आवश्यक काउंसलिंग शुरू करने की प्रक्रिया में जुट गई हैं।



