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भोलापुर-पाण्डेटोला मार्ग की बदहाली से बढ़ा जनआक्रोश, बरसात में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की बढ़ीं मुश्किलें…

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वर्ष 2007-08 में बनी डामर सडक़ हुई पूरी तरह जर्जर, हर दिन हादसों का शिकार हो रहे राहगीर, पीडब्ल्यूडी के खिलाफ नाराजगी

छुरिया (दावा)। खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत छुरिया तहसील का ग्राम भोलापुर-बैरागीभेड़ी-पाण्डेटोला मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली के कारण क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। लगभग वर्ष 2007-08 में निर्मित यह डामरीकृत सडक़ पिछले कई वर्षों से विभागीय उपेक्षा का शिकार है। सडक़ पर जगह-जगह तब्दील हो चुके गहरे गड्ढे अब बरसात के पानी से भर गए हैं। जिससे यहां से गुजरना किसी जोखिमभरे सफर से कम नहीं है।

नौनिहालों का सफर असुरक्षित, पढ़ाई हो रही प्रभावित
यह मार्ग शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोलापुर को जोड़ता है। रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं इसी कीचड़ और जलभराव वाले रास्ते से होकर साइकिलों पर स्कूल जाने को मजबूर हैं। बरसात के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। जिससे आए दिन स्कूली बच्चे फिसलकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। पालकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता है। कई बार बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई का भी नुकसान हो रहा है।

गर्मी भर सोता रहा विभाग, अब बरसात में जनता बेहाल
भोलापुर के ग्रामीण श्रीमती चमेलीबाई ठाकुर, मोहित सिन्हा, पूर्णानंद साहू, शिशुपाल साहू, हिमाचल चतुर्वेदी और मुकेश साहू ने बताया कि सडक़ की दुर्दशा को लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों, स्थानीय विधायक, जिला व जनपद पंचायत सदस्यों को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि विभाग के पास पूरे गर्मी के मौसम में पैचवर्क या मरम्मत का पर्याप्त समय था, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण कोई सुध नहीं ली गई। अब बारिश शुरू होने के बाद स्थिति नरकीय हो चुकी है।

पैदल चलना भी दूभर, किसानों को कृषि कार्य में आ रही आफत
पाण्डेटोला के ग्रामीण नकुल नेताम, कुमार साहू, टेकराम साहू, कीर्तन साहू और बेदराम साहू ने बताया कि मार्ग पर बने जानलेवा गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसके साथ ही खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन सडक़ की खराबी के कारण किसानों को खेतों तक खाद, बीज और कृषि उपकरण ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ पर फैले कीचड़ और जलभराव के चलते राहगीरों और बुजुर्गों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यार्थियों और राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए इस मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए।

जिम्मेदार अधिकारी का पक्ष
शासन को इस सडक़ के जीर्णोद्धार और मरम्मत कार्य का विस्तृत प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। उच्च स्तर से स्वीकृति प्राप्त होते ही सडक़ निर्माण का कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ करा दिया जाएगा।
– नीलकंठ लसेल,
उपयंत्री लोक निर्माण विभाग

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