गंडई पंडरिया (दावा)। राजधानी रायपुर के धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के नकटी ग्राम में गरीब परिवारों के मकानों पर चले बुलडोजर का मामला अब प्रदेश स्तर पर गरमा गया है। कांग्रेस प्रवक्ताओं के बाद अब जनप्रतिनिधियों ने भी इस कार्रवाई के खिलाफ सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने मोर्चा खोल दिया है। खैरागढ़ की कांग्रेस विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने मुख्यमंत्री को एक कड़ा पत्र लिखकर इस कार्रवाई को बेहद अमानवीय और दमनकारी करार दिया है।
विधायक यशोदा वर्मा ने 1 जुलाई को मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि नकटी ग्राम में प्रस्तावित विधायक आवास कॉलोनी के निर्माण की आड़ में लगभग 85 गरीब परिवारों के घरों को जेसीबी मशीनों से बलपूर्वक ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वर्षों के कठिन परिश्रम, संचित पूंजी और खून-पसीने से निर्मित इन घरों को इस भीषण बरसात के ठीक पूर्व ढहाया जाना अत्यंत हृदय विदारक, अमानवीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। यशोदा वर्मा ने पत्र के जरिए सीधे सरकार की कार्यप्रणाली और नैतिकता को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने लिखा कि समाज के सबसे कमजोर और गरीब वर्ग के सिर से छत छीनकर जनप्रतिनिधियों के लिए आलीशान आवासों का निर्माण करना न तो नैतिक रूप से न्यायोचित है, और न ही लोकतांत्रिक संवेदनाओं के अनुरूप है। जनता जनार्दन ने हमें अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए चुनकर सदन में भेजा है, न कि उनके बुनियादी आशियानों की बलि देकर स्वयं के लिए सुख-सुविधाएं स्थापित करने के लिए।
विधायक ने सरकार को इस समस्या का व्यावहारिक समाधान सुझाते हुए कहा कि यदि विधायकों के लिए सर्वसुविधा युक्त कॉलोनी का निर्माण अत्यंत आवश्यक है, तो नवा रायपुर क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ शासकीय रिक्त भूमि उपलब्ध है। वहां आधुनिक, सुव्यवस्थित और सर्व संसाधन संपन्न विधायक कॉलोनी सहजता से विकसित की जा सकती है। जिससे किसी भी गरीब और लाचार परिवार को बेघर होने की असीम पीड़ा न झेलनी पड़े।
पीडि़त परिवारों को न्याय दिलाने की इस लड़ाई में कांग्रेस पूरी तरह लामबंद हो चुकी है। विधायक यशोदा वर्मा ने इस पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी सूचनार्थ भेजी है। इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता ऋषि शास्त्री ने भी सवाल उठाया था कि यदि ये मकान अवैध थे तो इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कैसे मिला? बहरहाल विधायक के इस पत्र के बाद अब नकटी ग्राम का यह मुद्दा छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ले चुका है और विपक्ष इस पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।


