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तालाब में डूब रहे 3 साल के मासूम के लिए फरिश्ता बनी हमउम्र बच्ची, ग्रामीणों ने की सम्मान की मांग…

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डोंगरगांव (दावा)। विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम घुघवा में गुरुवार की शाम एक ऐसा वाकया सामने आया है। जिसने मानवता और बच्चों की सूझबूझ की अनूठी मिसाल पेश की है। खेल-खेल में तालाब के गहरे पानी में समा रहे एक 3 वर्षीय मासूम को उसकी हमउम्र सहेली की सतर्कता के कारण नया जीवनदान मिल गया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले घटनाक्रम के बाद पूरे गांव में बहादुर बच्ची वाशनी कंवर की जमकर तारीफ हो रही है और ग्रामीणों ने उसे राष्ट्रीय/राज्य स्तर पर सम्मानित करने की मांग उठाई है।
खिलौना निकालने के फेर में तालाब में फिसला मासूम
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार 2 जुलाई की शाम करीब 5 बजे शासकीय स्कूल के समीप स्थित घुघवा तालाब के किनारे गांव का ही नित्यांश यादव (3 वर्ष) अपनी साथी वाशनी कंवर के साथ खेल रहा था। इसी दौरान नित्यांश का खिलौना अचानक तालाब के पानी में गिर गया। मासूम बच्चा जैसे ही उस खिलौने को निकालने के लिए आगे बढ़ा, किनारे पर मुरुम (फिसलन) होने की वजह से उसका पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते नित्यांश पानी में डूबने लगा।

वाशनी की चीख और प्रीति साहू का साहस
नित्यांश को डूबता देख वहां मौजूद छोटी बच्ची वाशनी घबराने के बजाय तुरंत दौड़ पड़ी। उसने बिना वक्त गंवाए चिल्लाते हुए आसपास के ग्रामीणों को आवाज दी और चिल्लाकर बताया कि नित्यांश पानी में डूब गया है। वाशनी की चीख सुनकर पास ही किराना दुकान चलाने वाले गिरधर साहू की पुत्री प्रीति साहू अपनी बहन और भाभी के साथ तत्काल तालाब की ओर भागी और बिना सोचे-समझे पानी में कूद गईं। कुछ देर की मशक्कत के बाद प्रीति के पैर में डूब चुका बच्चा फंसा, जिसे उन्होंने तुरंत बाहर निकाला। तट पर मौजूद होमन ठाकुर, होमप्रकाश साहू, श्रीराम कंवर और रामचंद्र यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया और पेट से पानी बाहर निकाला। इसके बाद आनन-फानन में उसे डोंगरगांव सामुदायिक अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे राजनांदगांव के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। मासूम के पिता पवन यादव ने बताया कि बच्चे के फेफड़ों में पानी भर गया था और शरीर पर खरोचें आई थीं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से अब वह खतरे से बाहर है।

खुले तालाब की घेराबंदी की मांग, ग्रामीणों में डर
इस हादसे ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। होमन ठाकुर, सुनील साहू, रामखिलावन यादव, कांता ठाकुर और भूषण कंवर सहित समस्त ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चूंकि तालाब के ठीक पास ही शासकीय स्कूल है, इसलिए खेलते-खेलते बच्चों के वहां जाने का खतरा हमेशा बना रहता है। किसी बड़ी अनहोनी को रोकने के लिए तालाब के चारों तरफ तत्काल घेराबंदी (बाउंड्री या फेंसिंग) कराई जाए। वाशनी कंवर की त्वरित सूझबूझ के कारण ही आज एक घर का चिराग बुझने से बचा है, इसलिए उसे शासन-प्रशासन द्वारा उचित मंच पर पुरस्कृत किया जाना चाहिए।

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