अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दानपात्रों को लेकर उठे विवाद के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक शुरू हो गई है। मामले में कई गिरफ्तारियों और संगठनात्मक संकट के बाद हो रही इस बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हैं। इस बैठक में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 13 जून को विशेष जांच दल का गठन किया गया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्र और अविनाश शुक्ला सहित अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम और लगातार धूमिल हो रही छवि के कारण ट्रस्ट के शीर्ष नेतृत्व में भयंकर सांगठनिक संकट खड़ा हो गया, जिसके चलते महासचिव चंपत राय और वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को बीते 26 जून को अपने पदों से इस्तीफा सौंपना पड़ा था। इस पूरी ऐतिहासिक उथल-पुथल के बीच, आज मंदिर प्रशासन की सबसे पहली और निर्णायक आपातकालीन बैठक शुरू हो गई है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा बैठक में शामिल नहीं, महंत नृत्य गोपाल दास शामिल होने पहुंचे
इस हाई-प्रोफाइल और पहली समीक्षा बैठक में शामिल होने के लिए विवादों के केंद्र में चल रहे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा अयोध्या के प्रशासनिक भवन नहींपहुंचे हैं, जहां कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज पहले से ही मौजूद थे। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास भी पहुंचे हैं।
इस्तीफा मंजूर होना तय, पर क्या ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे चंपत राय? नियमों पर फंसा पेंच
मंदिर की साख और जनता के भरोसे को दोबारा बहाल करने के लिए चंपत राय और वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार होना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, ट्रस्ट की इस बैठक में एक बड़े तकनीकी और विधिक बिंदु पर पेंच फंस गया है कि क्या महासचिव पद से हटने के बाद चंपत राय को 15 सदस्यीय मुख्य न्यास (ट्रस्ट) के सदस्य के रूप में बरकरार रखा जाए या उन्हें पूरी तरह से बोर्ड से बाहर कर दिया जाए।
ट्रस्ट के बाय-लॉज के अनुसार, किसी भी ट्रस्टी को हटाने या उसका इस्तीफा स्वीकार करने के लिए ट्रस्ट के सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, लगातार विवादों में घिरे मंदिर के निर्माण सहायक गोपाल राव पर भी एक्शन की गाज गिरना तय माना जा रहा है और वित्तीय विसंगतियों में नाम आने के बाद इस बार उन्हें आमंत्रित सदस्यों की सूची से पूरी तरह बाहर रखा गया है।



