राजनांदगांव (दावा)। राजनांदगांव शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने अपनी टीम के साथ बरगा रेलवे ओवरब्रिज का जमीनी निरीक्षण किया। पुल की खौफनाक स्थिति को देखकर उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बेहद गंभीर सवाल उठाए हैं।
मुदलियार ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि जून के महीने में ही लोकार्पित हुए करीब 26 करोड़ रुपये की लागत के इस ओवरब्रिज ने मानसून की पहली ही बौछार में दम तोड़ दिया है। पुल के एक बड़े हिस्से में इतनी चौड़ी दरारें आ गई हैं कि सडक़ दो भागों में बंटती साफ नजर आ रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ी जनहानि या भयानक हादसा हो सकता है।
डीआरएम के सामने जताई आपत्ति, पुनर्निर्माण की मांग
निरीक्षण के दौरान मौके पर पहुंचे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के डीआरएम दीपक गुप्ता के समक्ष कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने घटिया निर्माण को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने डीआरएम से निर्माण एजेंसी और इस प्रोजेक्ट के प्रभारी इंजीनियर की भूमिका की तत्काल जांच करने को कहा। मुदलियार ने कांग्रेस की ओर से निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं। जिसमेें इस पूरे प्रोजेक्ट की किसी उच्च स्तरीय स्वतंत्र तकनीकी टीम से जांच कराई जाए। भ्रष्टाचार में लिप्त दोषी अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए। चूंकि पुल की मजबूती पूरी तरह खत्म हो चुकी है, इसलिए आवश्यकता पडऩे पर इस ओवरब्रिज का नए सिरे से पुनर्निर्माण कराया जाए।
80 करोड़ के तीन पुल धंसे : भ्रष्टाचार ही डबल इंजन का ईंधन
निगम के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार ही विकास का असली ईंधन बन गया है। रेलवे जैसे संवेदनशील विभाग में भी भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा हो रही है। बरगा ही नहीं, जून में ही शुरू हुए मुसरा और आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज भी धंसने लगे हैं। इन तीनों पुलों पर जनता के 80 करोड़ रुपये से अधिक फूंक दिए गए। यह भाजपा शासन की अंधेरगर्दी का सबसे बड़ा उदाहरण है। जिन गरीब किसानों की जमीन पर यह विशालकाय ब्रिज खड़ा किया गया है, उन्हें आज तक उनका हक (मुआवजा) नहीं मिल पाया है और दूसरी तरफ पुल अभी से दरकने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईमानदारी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत पहली बारिश में उखड़ती सडक़ों और धंसते पुलों के रूप में देश के सामने है।
जितेंद्र मुदलियार ने स्थानीय सांसद संतोष पांडे पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके अपने ही संसदीय क्षेत्र में 80 करोड़ की तीन-तीन बड़ी रेल परियोजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं, लेकिन सांसद महोदय ने रहस्यमयी मौन साध रखा है। राजनांदगांव की जनता पिछले दो वर्षों से दो महत्वपूर्ण अंडरब्रिज बनने की प्रतीक्षा कर रही है और जो बने हैं उनकी गुणवत्ता मटियामेट हो चुकी है। इस दौरान मुदलियार के साथ प्रमुख रूप से वीरेंद्र चंद्राकर, देवेश वैष्णव, ललित कुमरे, राजेश सेवता, रईस गोरी, लोकेश सहारे और अमित कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।



