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जामरी नहर लाइनिंग में भ्रष्टाचार पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, जल संसाधन विभाग का घेराव कर सौंपा ज्ञापन…

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पहली ही बारिश में बह गई नहर की लाइनिंग, जनपद सदस्य सरिता
साहू के नेतृत्व में प्रदर्शन, ईई नरेश रामटेके ने दिया जांच का भरोसा

राजनांदगांव (दावा)। जिले के जामरी डायवर्सन नहर लाइनिंग कार्य में कथित भारी अनियमितताओं और घटिया निर्माण को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। पिछले एक वर्ष से लगातार लिखित शिकायतें किए जाने के बावजूद जल संसाधन विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। विभाग की इसी उदासीनता का नतीजा यह हुआ कि पहली ही बारिश और पानी के शुरुआती बहाव में नहर की लाइनिंग दोबारा टूटकर बह गई। इस लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग पहुंचकर उग्र प्रदर्शन किया और कार्यपालन अभियंता को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की।

सालभर की शिकायतों को विभाग ने किया नजर अंदाज
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहीं जनपद सदस्य श्रीमती सरिता मदन साहू ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू से ही गुणवत्ताविहीन रहा है। इसकी शिकायत पिछले एक साल से लगातार आला अधिकारियों से की जा रही थी, लेकिन विभाग ने न तो मौके का स्थल निरीक्षण कराया और न ही कार्य का भौतिक सत्यापन किया।

लाखों की सरकारी राशि की बर्बादी
ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदार की सांठगांठ के कारण शासन की लाखों रुपये की राशि पानी में बह गई। अगर समय रहते जांच कर सुधार कर लिया जाता, तो आज दोबारा नहर क्षतिग्रस्त नहीं होती और किसानों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचता। जामरी डायवर्सन नहर लाइनिंग कार्य का तत्काल उच्च स्तरीय स्थल निरीक्षण कराया जाए। निर्माण कार्य का निष्पक्ष भौतिक एवं तकनीकी सत्यापन हो। गुणवत्ताविहीन निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं दोषी ठेकेदार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक कर ग्रामीणों को की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए।

कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष तकनीकी जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के किसान और ग्रामीण मिलकर जल संसाधन विभाग के खिलाफ एक व्यापक और उग्र जनआंदोलन शुरू करेंगे। इधर, ग्रामीणों का आक्रोश देखने के बाद जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री रामटेके ने तत्काल ज्ञापन स्वीकार किया और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शिकायत के सभी बिंदुओं की गंभीरता से उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर दोषी ठेकेदार और अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान मुख्य रूप से किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मदन साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य क्रांति बंजारे, उपसरपंच तुलेश्वर, पूर्व सरपंच मनोज (आरगांव), केवल कुंभकार, पूनम साहू, लिकेश्वरी साहू, योगेश्वरी साहू, लुकेश्वर कुम्भकार, गायत्री साहू, ललित साहू, संगीत साहू, बिहारी साहू, मुकेश साहू सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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