० 90 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण, घटिया निर्माण को लेकर खनिज परिवहन संघ ने की जांच और कार्रवाई की मांग
० जगह-जगह बिखरी गिट्टी, नाली निर्माण में लेटी-लतीफी से राहगीर परेशान
राजनांदगांव (दावा)। पहली ही बारिश ने क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित नांदगांव-खैरागढ़ रोड चौड़ीकरण निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। मानसून की शुरुआती बौछारों में ही सडक़ का डामर उखडऩे लगा है और गिट्टी बाहर निकल आई है। स्थिति यह है कि जहां भी नाला या पुलिया है, वहां का हिस्सा पूरी तरह डैमेज हो चुका है। पुल के किनारों पर जहां तीन लेयर डामरीकरण होना था, वहां महज एक ही लेयर बिछाकर खानापूर्ति की गई, जो अब पहली बारिश भी नहीं झेल सकी। हालांकि बारिश की वजह से फिलहाल डामरीकरण का काम रोक दिया गया है, लेकिन नाली निर्माण में हो रहे विलंब से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
अफसरों की उदासीनता, ठेकेदार की मनमानी
लगभग 90 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस चौड़ीकरण कार्य का अब तक 50 फीसदी से ज्यादा निर्माण हो चुका है, लेकिन शुरुआत से ही इसमें जमकर मनमानी की गई। ठेकेदार ने पहले एक साथ सडक़ के दोनों ओर खुदाई कर दी, जिससे करीब तीन महीने तक राहगीरों को भारी दिक्कतों और धूल का सामना करना पड़ा। इस दौरान मटेरियल और गिट्टियां बिखरने की वजह से कई दुर्घटनाएं भी हुईं।
लोक निर्माण विभाग के अफसरों की उदासीनता का आलम यह है कि उन्हें स्थल निरीक्षण करने तक की फुर्सत नहीं है। मॉनिटरिंग के अभाव में ठेकेदार लगातार अपनी मर्जी से काम करा रहा है। इसके खिलाफ पहले विरोध भी हुआ और कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया, फिर भी अफसरों ने गंभीरता नहीं दिखाई। अंचल के ग्रामीण खिलेन्द्र वर्मा, लालराम देवांगन एवं बरातू देवांगन ने बताया कि बारिश के कारण डामर उखडऩे से अब वाहन चालकों का इस मार्ग पर चलना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
पुल-पुलिया के पास बढ़ा हादसों का खतरा
गठुला नाला से खैरागढ़ और उसके आगे तक होने वाले इस चौड़ीकरण में बोरी, माइल स्टोन और बढ़ई टोला तक भारी खामियां दिख रही हैं। सहसपुर दल्ली के पास बने पुल के बाजू में सिंगल लाइन सडक़ पर तीन की जगह सिर्फ एक ही लेयर डामर बिछाया गया है। पानी पड़ते ही वहां का डामर बह गया और गिट्टी बाहर निकल आई है। कई जगहों पर चौड़ीकरण तो कर दिया गया है, लेकिन किनारों को समतल नहीं किया गया है। भारी जनमांग के बाद नाली निर्माण तो शुरू हुआ, लेकिन बारिश शुरू होने के बाद भी यह काम अधूरा है। गड्ढों में पानी और कीचड़ भरने से यहां जरा सी चूक होने पर भी बड़ा हादसा होना तय है।
ठेकेदारों और अफसरों पर हो कार्रवाई : परिवहन संघ
खनिज परिवहन संघ के अध्यक्ष दामू भूतड़ा एवं मनोज जैन ने इस घटिया निर्माण पर कड़ा आक्रोश जताया है। उन्होंने कहा कि नांदगांव-खैरागढ़ रोड निर्माण में मनमानी की पराकाष्ठा हो चुकी है। महज तीन महीने पहले बनी सडक़ में दरारें पडऩा और डामर उखडऩा सीधे-सीधे भ्रष्टाचार को उजागर करता है।
श्री भूतड़ा ने मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषी ठेकेदार सहित लापरवाह अफसरों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उधर, कांग्रेस ने भी सडक़ निर्माण में हुई इस लापरवाही को लेकर कलेक्टर से शिकायत करने की बात कही है।


