अवैध पानी परिवहन के साथ पर्यावरण व मानव जीवन को खतरे में डाल रही कंपनी : जीतू मुदलियार
० शर्तों के उल्लंघन और जहरीली गैस फैलने के विरोध में कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कंपनी बंद करने की मांग
राजनांदगांव (दावा)। जिला अंतर्गत ग्राम फुलझर में स्थापित न्यू लुक बायोफ्यूल्स कंपनी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर एथेनॉल का उत्पादन किए जाने का मामला गरमा गया है। कंपनी से निकलने वाली जहरीली ष्टह्र२ (कार्बन डाइऑक्साइड) गैस के समुचित प्रबंधन के लिए कोई संयंत्र स्थापित नहीं किया गया है। जिससे क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार की अगुवाई में कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कंपनी पर तत्काल तालाबंदी व दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
शर्तों का खुला उल्लंघन, फेफड़े और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा
कलेक्टर को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने बताया कि कंपनी में एथेनॉल निर्माण के दौरान उत्पन्न होने वाली ष्टह्र२ गैस को संग्रहित करने और उसके शुद्धिकरण (द्रवीकरण) हेतु संयंत्र स्थापित करना पर्यावरण आयोग की अनिवार्य शर्तों में शामिल है। इसका खुला उल्लंघन कर कंपनी आसपास के ग्रामीणों के जीवन और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रही है। क्षेत्र में जहरीली गैस फैलने से स्थानीय लोग फेफड़े के रोग, श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित हो रहे हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ईसीपी में खराबी के कारण चिमनियों से लगातार काला और जहरीला धुआं निकल रहा है। जिसके समुचित प्रबंधन पर कंपनी प्रबंधन पूरी तरह उदासीन है। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए लगाई गई इलेक्ट्रोस्टेटिक प्रेसिपिटेटर मशीन भी पूरी तरह गुणवत्ताहीन और निष्प्रभावी साबित हो रही है।
रात के अंधेरे में पानी की चोरी और अवैध तार घेरा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कंपनी के इन अनैतिक कृत्यों के चलते स्थानीय जनता अब आंदोलन की राह पर है। कंपनी द्वारा रात के अंधेरे में अवैध रूप से पाइप लाइन डालकर पानी की चोरी की जा रही है। साथ ही स्थानीय जलाशय को अपने कब्जे में लेने की नीयत से उसके चारों ओर अवैध रूप से तार घेरा (फेंसिंग) कर दिया गया है। खदानों से अवैध रूप से पानी का परिवहन करने जैसे कई गंभीर गैर-कानूनी कार्यों में लिप्त इस कंपनी की उच्च स्तरीय जांच होना बेहद आवश्यक है।
नियमों को दरकिनार कर शुरू किया उत्पादन
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने तकनीकी पहलुओं को सामने रखते हुए कहा कि 12.55 एकड़ क्षेत्र में स्थापित उक्त कंपनी को सरकारी नियमों और शर्तों के अनुसार कुल परिसर के 33 प्रतिशत हिस्से में वृक्षारोपण (ग्रीन बेल्ट) तथा 15 प्रतिशत हिस्से में पार्किंग स्थल विकसित करना अनिवार्य था। किंतु इन सभी शर्तों को पूरी तरह दरकिनार कर अवैध रूप से उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है। इसलिए पर्यावरण विभाग की एक विशेष विशेषज्ञ टीम से पूरे क्षेत्र की जांच कराई जानी चाहिए। जनस्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए पर्यावरण मानकों की अवहेलना करने, बिना ष्टह्र२ संयंत्र के संचालन करने और मानव जीवन को संकट में डालने के लिए कंपनी संचालकों पर आपराधिक मामला दर्ज कर इसे तत्काल बंद करने का आदेश जारी किया जाए। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख रूप से प्रदेश प्रवक्ता रूपेश दुबे, प्रदेश सचिव प्रवीण मेश्राम, महामंत्री वीरेंद्र चंद्राकर, अशोक पंजवानी, विनय झा, प्रेम रुचंदानी, लक्ष्मण साहू, राजा तिवारी, शरद खंडेलवाल, ऋषि शास्त्री, राकेश चंद्राकर, नरेश साहू, ललित मरकाम, प्रदीप राठौर, सुरेंद्र देवांगन, महेंद्र बहादुर सिंह, सीताराम श्रीवास, राजा यादव, शैलेश जैन, अरशद खान, नरेंद्र सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।



