जोंधरा (दावा)। डोंगरगांव विकासखंड के आश्रित ग्राम कबीर मठ नादिया में पिछले दो महीने से अपने आप एक जमीन पानी गिरने से गड्ढा हो गया है और आसपास स्थित खेतों का पानी गांव का पानी इस गड्ढा में समाते गया देखते देखते यह गड्ढा बडा होते गया और आसपास की कई फीट मिट्टी भी इसके अंदर चला गया और तो और पास में रखी मोटी मोटी बल्लिया भी इसके अंदर चला गया फिर भी वह गड्ढा नहीं भर सका अब हालात यह है कि इसके आसपास की टनोटन गिट्टीयां भी इसके अंदर है तो भी यह गड्ढा आज भी ज्यों के त्यों बना हुआ है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
प्रतिनिधि ने ग्राम के सबसे बुजुर्ग पुनीत राम साहू से इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि वहां पर पहले जमीन बिल्कुल समतल था किसी प्रकार का कोई गड्ढा आज से दो माह पूर्व वहां पर नहीं था, जैसे ही पानी गिरा वहां सुरंग जैसा बन गया उन्होंने बताया कि पहले राजा महाराजाओं के बीच लडाइयां होते रहता था इसलिए राजा लोग अपनी रक्षा के लिए इस तरह की सुरंग का निर्माण किया करते थे, उन्होंने इस गड्ढे से सुरंग ही बताया, वहीं ग्राम के लालदास पटेल, गोपी राम साहू, लालाराम साहू , आनंदराम, शिवकुमार साहू आदि ने भी इस गड्ढे को सुरंग ही बताया। जब से इस सुरंग की उत्पत्ति हुई है तब से इसके आसपास स्थित घरों में लगे बोर कनेक्शन बंद हो चुका है जिसमें श्याम लोन्हारे , कबीर मठ मंदिर, ज्ञान साहू का बोर बंद है।
सुरंग के आसपास बने घरों के लोग अब सशंकित रहने लगे हैं यदि पानी गिरता रहे तो हो सकता है आसपास बने घर कहीं इस सुरंग में ना डूब जाए और इनका डर का जायज है क्योंकि टनोटन मिट्टी के जाने के बाद भी यह सुरंग आज भी ज्यों की त्यों ही बना हुआ है। जब से सुरंग की खबर क्षेत्रीय ग्रामीण में फैली है तब से लोगों का जमावड़ा इसे देखने के लिए लालायित है, प्रतिदिन सैकडो की संख्या में आकर इसे देख आश्चर्यचकित होते जा रहे है।
पिछले दो माह से यह घटना घटित हो रहा है पर प्रशासन अब तक मौन है ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि वो जगह स्थल पर आकर मुआयना करें और ग्रामीणों को बताएं कि आखिर यह क्या है, पर अब तक प्रशासनिक अमले का यहां न पहुंचना ग्रामीणों की जिज्ञासा और प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है।



