9 लाइसेंस निलंबित, 22 केंद्रों की बिक्री पर रोक और 1 की अनुज्ञप्ति निरस्त, 8 अमानक कीटनाशकों पर प्रतिबंध
राजनांदगांव (दावा)। किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक कृषि आदान उपलब्ध कराने तथा नकली व नियम विरुद्ध कीटनाशकों के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने जिले में सघन जांच अभियान चलाया है। विभाग की विशेष टीमों ने जिले भर में 122 कीटनाशी विक्रय केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है।
लाइसेंस निरस्त और अमानक दवाओं पर रोक
निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर विभाग ने 9 कीटनाशी अनुज्ञप्तियों (लाइसेंस) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही 22 केंद्रों पर कीटनाशकों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। जबकि नियमों की घोर अनदेखी करने पर 1 विक्रय केंद्र का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। कृषि विभाग ने गुणवत्ताहीन पाए गए 8 अमानक कीटनाशकों के विक्रय पर भी रोक लगाते हुए संबंधित निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
लाल बहादुर नगर व डोंगरगढ़ में मिली अनियमितताएं
उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर विभिन्न केंद्रों में औचक दबिश दी गई। जांच के दौरान लाल बहादुर नगर स्थित साहू कृषि केंद्र, अभिषेक कृषि केंद्र, गायत्री कृषि केंद्र तथा डोंगरगढ़ के देवांगन कृषि केंद्र में कीटनाशी अधिनियम और निर्धारित मापदंडों का खुला उल्लंघन पाया गया। संचालक आवश्यक व वैध दस्तावेजों के बिना ही कीटनाशकों का क्रय-विक्रय कर रहे थे। जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बिक्री पर रोक व लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई।
किसानों के हित में जारी रहेगी कार्रवाई
उपसंचालक कृषि ने स्पष्ट किया कि अन्नदाताओं के हितों की सुरक्षा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद व कीटनाशक उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित निगरानी व जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना वैध दस्तावेज, अमानक दवाओं के विक्रय अथवा अवैध व्यापार में लिप्त किसी भी विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा और यह सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।



