खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिले में 41 वें नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ
खैरागढ़ (दावा)। 41वें नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ उत्साह एवं जनजागरूकता के वातावरण में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय खैरागढ़ से किया गया। कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला राष्ट्रीय दृष्टिहीनता एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम इंद्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाने के लिए आमजन को प्रेरित करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य अंजय कुमार एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. साधना दुबे द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों का नेत्र परीक्षण किया गया तथा उन्हें नेत्र स्वास्थ्य एवं नेत्रदान के महत्व की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों ने संभाली जागरूकता की कमान
नेत्रदान पखवाड़े के शुभारंभ अवसर पर विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टर, स्लोगन एवं मानव नेत्र की आकृतियों के माध्यम से ‘मरणोपरांत नेत्रदान, किसी के जीवन में उजाला’ का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने, भ्रांतियों को दूर करने तथा अधिक से अधिक लोगों को मरणोपरांत नेत्रदान के लिए प्रेरित करने की सार्थक पहल की। विद्यार्थियों की इस प्रेरणादायक पहल से प्रभावित होकर उपस्थित शिक्षकों ने भी मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लिया।
नेत्रदान क्यों जरूरी है?
जिला नोडल अधिकारी ने नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मरणोपरांत नेत्रदान से किसी दृष्टिबाधित व्यक्ति के जीवन में दृष्टि का उजाला लाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने नेत्रदान क्यों आवश्यक है। नेत्रदान कब और कैसे किया जा सकता है तथा आवश्यकता पडऩे पर सहायता कहां से प्राप्त की जा सकती है। इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नेत्रदान का संदेश अपने परिवार एवं समुदाय तक पहुंचाकर इस पुनीत कार्य को जनआंदोलन बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
विद्यार्थियों को मिलेंगे नि:शुल्क चश्मे
जिला सहायक नोडल अधिकारी दुर्गेश नंदिनी श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि नेत्र परीक्षण के दौरान दृष्टिदोष से चिन्हित सभी छात्र-छात्राओं को आवश्यक जांच के उपरांत जिला दृष्टिहीनता नियंत्रण समिति, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के माध्यम से निर्धारित नंबर के चश्मे नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल से विद्यार्थियों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों में भी सकारात्मक सुधार लाने में मदद मिलेगी।



