Home छत्तीसगढ़ शहर की सडक़ों में गड्ढों का अंबार, चुप्पी साधे बैठी निगम सरकार…

शहर की सडक़ों में गड्ढों का अंबार, चुप्पी साधे बैठी निगम सरकार…

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बारिश में पानी से लबालब हुए जानलेवा गड्ढे, त्योहारों के सीजन में राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें

शहर की कई प्रमुख सडक़ें नगर निगम के अधीन न होकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की हैं। पीडब्ल्यूडी द्वारा बजट के अभाव में हाथ खड़े किए जाने के बाद अब नगर निगम ने स्वयं पहल करते हुए शहर की गड्ढायुक्त सडक़ों पर पैचवर्क (पैकिंग वर्क) का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
जी.आर. मरकाम, आयुक्त, नगर पालिक निगम राजनांदगांव

राजनांदगांव (दावा)। शहर में कुछ माह पूर्व ही कई प्रमुख सडक़ों का डामरीकरण कराया गया था, लेकिन पहली ही बारिश में गुणवत्ता की पोल खुल गई और सडक़ें उखड़ कर बिखर गईं। मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी गलियों तक बने बड़े-बड़े गड्ढे अब राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। नगर निगम के ठीक सामने महावीर चौक (निगम कैंटीन के पास) बना विशाल गड्ढा आए दिन हादसों को न्योता दे रहा है। यहां यात्री बसों का ठहराव होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में भारी वाहन की चपेट में आने से एक युवती की जान जा चुकी है।

शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों कामठी लाइन, सदर बाजार, गुड़ाखू लाइन, रामाधीन मार्ग, गंज लाइन और सुरजन गली में हर कदम पर गड्ढे उभर आए हैं। वहीं सर्किट हाउस होने के कारण वीआईपी मार्ग में शुमार रानी सागर रोड (चौपाटी से बसंतपुर रोड व दिग्विजय कॉलेज तक) की स्थिति अत्यंत दयनीय है। दिग्विजय कॉलेज से जिला चिकित्सालय जाने वाले मार्ग और अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर जलभराव के कारण मरीजों व परिजनों को पानी में से होकर गुजरना पड़ रहा है। महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों, तहसील कार्यालय और प्रमुख प्रेस कार्यालयों को जोडऩे वाले बलदेव बाग मार्ग पर भी जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं, जिनमें बारिश का पानी भरा रहता है। रात के अंधेरे में वाहन चालक इनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, पोला और आगामी गणेश चतुर्थी जैसे प्रमुख त्योहारों के समय सडक़ों की यह दुर्दशा नागरिकों के लिए भारी परेशानी का सबब बनी हुई है।

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