ई-केवाईसी कराने की आज अंतिम तिथि, नहीं कराने पर घरेलू दर पर सिलेंडर मिलना हो सकता है बंद
राजनांदगांव (दावा)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, शिक्षक दिवस और रविवार के साप्ताहिक अवकाश के चलते लगातार तीन-चार दिनों तक घरेलू गैस सिलेंडरों की नियमित सप्लाई प्रभावित रहने के बाद सोमवार को गैस एजेंसियों में उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। त्योहार के दौरान अतिरिक्त खपत होने से लोग खाली सिलेंडर लेकर सीधे एजेंसी कार्यालय पहुंचने लगे। जिससे दिनभर आपाधापी का माहौल रहा। भीड़ में सिलेंडर रिफिल कराने वालों के साथ-साथ ई-केवाईसी कराने पहुंचे उपभोक्ता भी शामिल थे। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा-निर्देशानुसार घरेलू एलपीजी कनेक्शनों का ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। पूर्व में इसके लिए 17 जुलाई फिर 23 जुलाई और तत्पश्चात 31 अगस्त की समय-सीमा निर्धारित की गई थी, जिसे बढ़ाकर 7 सितंबर किया गया था। निर्धारित समयावधि के अनुसार आज 7 सितंबर को ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि है। समय-सीमा समाप्त होने के बाद प्रक्रिया पूरी न करने वाले कनेक्शनों को अवैध की श्रेणी में रखे जाने की संभावना है।
जिले में ढ़ाई लाख उपभोक्ता, 15 एजेंसियां
जिलेभर में कुल 15 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनसे लगभग ढाई लाख घरेलू उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। एजेंसियों व तेल कंपनियों द्वारा लगातार फोन कॉल व संदेश भेजने के बावजूद अभी भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपना बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराया है। हालांकि वर्तमान में सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, लेकिन आगामी दिनों में ई-केवाईसी लंबित होने पर उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ई-केवाईसी न होने पर नहीं मिलेगी सब्सिडी : नरेंद्र डाकलिया
इंडेन गैस एजेंसी के संचालक नरेंद्र डाकलिया ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कनेक्शन को उपभोक्ता की वैध पहचान से सत्यापित करना है। जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन नहीं होगा, उन्हें भविष्य में घरेलू दर पर सिलेंडर व सब्सिडी का लाभ मिलना बंद हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्णत: नि:शुल्क है और इसके लिए कनेक्शन सरेंडर करने की भी आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा नाम परिवर्तन का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। डाकलिया ने संभावना जताई कि उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए पेट्रोलियम कंपनियां ई-केवाईसी की अंतिम तिथि में पुन: विस्तार कर सकती हैं। वहीं विभागीय स्तर पर कनेक्शनों के तत्काल स्थायी विच्छेदन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।



