राजनांदगांव। शासकीय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव के दंत विभाग और निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग की टीम ने मिलकर एक 22 वर्षीय युवक का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन प्रदान किया है। गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हुए इस मरीज के चेहरे और ऊपरी जबड़े की हड्डियां बुरी तरह टूट चुकी थीं।
दुर्घटना और गंभीर स्थिति मिली जानकारी के मुताबिक, गत सप्ताह 22 वर्षीय यशवंत एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। इस दुर्घटना में उनके चेहरे और ऊपरी जबड़े में मल्टीपल फ्रैक्चर आए थे। गंभीर चोटों के कारण उनके चेहरे पर अत्यधिक सूजन आ गई थी, आंखों से देखने में समस्या हो रही थी, दांतों का अलाइनमेंट (आपसी सेटिंग) बिगड़ गया था और मुंह खुलना लगभग बंद हो गया था। मरीज को बोलने और खाना चबाने में भी अत्यधिक तकलीफ का सामना करना पड़ रहा था।
जटिल शल्य चिकित्सा और सफल इलाज मामले की गंभीरता को देखते हुए दंत विभागाध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा के नेतृत्व में डॉ. राघव अग्रवाल, डॉ. अनिरुद्ध गांधी और दंत विभाग की पूरी टीम ने तत्काल मरीज की जांच कर सर्जरी की योजना बनाई। निश्चेतना विभाग की डॉ. दुर्गा और उनकी टीम के उत्कृष्ट समन्वय से डॉक्टरों ने इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और क्षतिग्रस्त हड्डियों को उनकी सही जगह पर रिपेयर किया।
ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार देखा गया। चेहरे की सूजन कम होने के साथ ही दांतों और जबड़े की स्थिति सामान्य हो गई है। अब मरीज आसानी से मुंह खोलने, बोलने और भोजन करने में सक्षम है और पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुका है।
10 वर्षों में 200 से अधिक ट्रॉमा केस का सफल उपचार उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज का दंत विभाग पिछले 10 वर्षों में चेहरे और जबड़े के गंभीर ट्रॉमा (मैक्सिलोफेशियल) से जुड़े करीब 200 मरीजों का सफल इलाज कर चुका है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इस सफलता पर दंत और निश्चेतना विभाग की संयुक्त टीम को बधाई दी और कहा कि विशेषज्ञों का सही समय पर बेहतर तालमेल ही ऐसे गंभीर मामलों में मरीजों की जान बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है।



