पर्व को लेकर लोगों में रहा उल्लास, नंदी भगवान की हुई पूजा-आराधना
राजनांदगांव (दावा)। भादों मास की अमावस्या तिथि को शहर सहित पूरे अंचल भर में पोला पर्व उल्लास बिखरा रहा। लोगो ने शिव भगवान की सवारी नंदी देवता की पूजा कर पोला का पर्व लोक उल्लास और उमंग के साथ मनाया। पोला पर्व पर शहर के विभिन्न स्थानों में बैल दौड़ प्रतियोगिता भी आयोजित रही। वहीं युवकों ने नारियल फेंक स्पर्धा भी आयोजित कर आनंद उठाया। पोला के दिन शाम को अच्छी बारिश भी हुई। चिखली, गंज चौक, लखोली में आयोजित बैल दौड़ प्रतियोगिता में भीगते पानी में भी बैलों ने सरपट दौड़ लगाई। इस दौरान पानी में बैलों के इधर उधर बिदकने से लोगों का मनोरंजन का कारण बना रहा।
पार्री के किसान मनोहर साहू ने बताया कि पोला पर्व के दिन हमारे किसानी काम में साथ देने वाले बैलों को सुबह से नहला-धुलाकर उसे सजाया संवारा गया और नंदी भगवान के रुप में पूजा की गई। वहीं बाजार से खरीद कर लाए गए मिट्टी के बने पोरा-जांता की पूजा कर उसमें मीठी रोटी चढ़ाकर उसे बच्चों को खेलने के लिए दे दिए। कथाकार मानसिंह मौलिक ने बताया कि सनातन हिन्दू धर्म में बैल को साक्षात धर्म का अवतार माना गया है। चारों युग उसके पैरों पर टिके हैं। पोला पर्व पर धर्म के स्वरूप नंदी बैल को घुमाया भी जाता है जिसका दर्शन कर लोग धन्यता का अनुभव किया और दान-दक्षिणा अर्पित कर पुण्य लाभ अर्जित किए। किसानों ने नंदिया बैलों की पूजा कर अच्छी की कामना की। इस दौरान घर परिवार सहित गांव घरों में पर्व की खुशियां बिखरी रही।
बाजार में जमकर बिके पोरा-जांता खिलौने
पोला पर्व को लेकर बाजार में पिछले कई दिनों तक रौनक बनी रही। लोगो ने पर्व से संबंधित चीजों की जमकर खरीदारी की। बाजार में मिट्टी व लकड़ी से बने नंदी बैल व पोरा -जांता खिलौने की खासी मांग बनी रही। बच्चों में पोला पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।पोला के दिन बच्चे जहां नादिया बैल में चक्के लगाकर सडक़ों में घुमा कर मज़ा लिए वही लड़कियों ने मिट्टी के बर्तन पोरा-जांता में रसोई बनाने के खेल में रमी रही। बता दें कि पोला त्योहार में घरों में बनाई गई सुस्वादु व्यंजन रोटियों को लेकर अपने बहन बेटियों को तीजा लिवा लाने की परंपरा है। पोला त्योहार से तीजा लाने का कार्य शुरू हो जाएगा। इससे बस, ट्रेनों में भीड़ बढऩी शुरू हो जाएगी।
बैल दौड़ प्रतियोगिता में रहा मेले जैसा माहौल
पोला पर्व गांव सहित शहरों में भी बैल दौड़ प्रतियोगिता की धूम रही। गंज चौकमें तो मेले जैसा माहौल रहा। इस बार आयोजन कर्ता बाल समाज द्वारा बैल जोड़ी व एकल बैल की अलग अलग स्पर्धा कराई जिसे देखने लोगों की भारी भीड़ रही। इसी तरह लखोली में भी पुराने पुलिस चौकी से सतनामी पारा के जैतखाम तक बैल दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया। जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग उमड़े रहे। पार्षद प्रतिनिधि संतोष निर्मलकर ने बताया कि बैल दौड़ में प्रथम आने वाले बैलों को कृषि उपकरण व नगद राशियों से सम्मानित किया गया। इसके अलावा शहर में चिखली, हल्दी वार्ड व अन्य स्थानों सहित गांव देहातों में भी में बैल दौड़ प्रतियोगिता आयोजन की धूम बनी रही। लोगो ने हंसी-खुशी के साथ पोला पर्व मनाया और पर्व के उपलक्ष्य में घरो में बनाए गए विशेष पकवान का लुत्फ़ उठाते हुए पर्व का आंनद लिया।



