राज्य श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने मुख्यमंत्री एवं श्रम मंत्री का जताया आभार
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के मजदूरों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने चार नए श्रम कानूनों को जारी करने की स्वीकृति प्रदान की है, जिससे प्रदेश के लाखों मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा एवं उनके मूलभूत अधिकारों की गारंटी मिलेगी। इस निर्णय का स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त श्री योगेश दत्त मिश्रा ने राज्य सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
मुख्यमंत्री एवं श्रम मंत्री को दी बधाई
राज्य श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं माननीय श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने असंगठित क्षेत्र के लगभग 90 लाख मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं उनके मूलभूत अधिकारों की रक्षा का जो प्रण लिया है, वह अत्यंत सराहनीय एवं ऐतिहासिक कदम है।
पुराने श्रम कानूनों का होगा स्थान परिवर्तन
श्री मिश्रा ने बताया कि ये चार नए श्रम कानून प्रदेश में पूर्व से प्रचलित समस्त पुराने श्रम कानूनों का स्थान लेंगे। इन कानूनों के लागू होने से मजदूर वर्ग को कई नई सुविधाएं एवं अधिकार प्राप्त होंगे, जिनका वर्षों से इंतजार किया जा रहा था।
नए श्रम कानूनों से मिलने वाले प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
ग्रेच्युटी का प्रावधान — अब मात्र एक वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने पर ही मजदूरों को ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।
संविदा कर्मियों को स्थायी दर्जे जैसे अधिकार — समस्त अनियमित संविदा कर्मियों को अब स्थायी कर्मचारियों के समान अधिकार प्रदान किए जाएंगे।
अनिवार्य नियुक्ति पत्र — प्रदेश के समस्त मजदूरों को अब नियोक्ता द्वारा अनिवार्य रूप से नियुक्ति पत्र दिया जाना होगा।
पीएफ एवं पेंशन फंड में वृद्धि — मजदूरों के भविष्य निधि (पीएफ) एवं पेंशन फंड की राशि में बढ़ोतरी की जाएगी।
दोगुना ओवरटाइम एवं महिला सशक्तिकरण — मजदूरों को अब दोगुनी दर से ओवरटाइम भुगतान मिलेगा, साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच एवं महिला मजदूरों के सशक्तिकरण हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं।
गिग वर्कर्स को मिलेगी पहचान — गिग प्लेटफॉर्म पर कार्यरत श्रमिकों (जैसे डिलीवरी एवं कैब सेवा से जुड़े कर्मी) की अधिकारिक पहचान सुनिश्चित करते हुए उन्हें सामाजिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
न्यूनतम वेतन की गारंटी — अब किसी भी मजदूर को राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन से कम पारिश्रमिक नहीं दिया जा सकेगा।
करोड़ों मजदूरों का सपना होगा साकार
राज्य श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि यह मजदूरों के सशक्तिकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा और ठोस कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के इस फैसले से प्रदेश के असंगठित एवं संगठित, दोनों ही क्षेत्रों के करोड़ों मजदूरों का वर्षों पुराना सपना अब साकार होने जा रहा है। श्री मिश्रा ने विश्वास जताया कि इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से मजदूर वर्ग को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से मजबूती मिलेगी और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा।


