रामाधीन मार्ग व कामठी लाइन में नियमों की उड़ रही धज्जियां, नो-एंट्री के बावजूद लोडिंग-अनलोडिंग जारी, त्योहार के दौरान आम जनता बेहाल
राजनांदगांव (दावा)। संस्कारधानी की यातायात व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई है। मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय थानों की अनदेखी के चलते भारी मालवाहकों की मनमानी चरम पर पहुंच चुकी है। रामाधीन मार्ग, कामठी लाइन समेत शहर के प्रमुख अंदरूनी मार्गों पर दिनभर खड़े रहने वाले मालवाहकों के कारण सुबह से रात तक भीषण जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। जिससे पैदल राहगीर, दोपहिया और कार चालक घंटों फंसे रहते हैं।
रामाधीन मार्ग बना जाम का केंद्र, नो-एंट्री नियमों की खुली अवहेलना
कोतवाली थाना और जीई रोड से सटे व्यस्ततम रामाधीन मार्ग पर स्थिति सबसे बदतर बनी हुई है। सुबह 9 बजे से ही मालवाहक वाहन दुकानों के सामने खड़े हो जाते हैं और देर रात तक लोडिंग-अनलोडिंग का सिलसिला बेरोकटोक चलता रहता है। पुलिस प्रशासन ने व्यस्त व रिहायशी क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश का समय निर्धारित कर रखा है, इसके बावजूद नो-एंट्री के समय में भी ये वाहन धड़ल्ले से अंदर प्रवेश कर रहे हैं। कोई भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी या स्थानीय बीट प्रभारी मौके पर नजर नहीं आता। यदि आम नागरिक या राहगीर इन चालकों को टोकते हैं, तो वे विवाद और गाली-गलौज पर आमादा हो जाते हैं।
एंबुलेंस और मरीजों का निकलना दूभर, त्योहार में बढ़ी आफत
संकरे मार्गों पर दोनों ओर मालवाहक खड़े होने से सडक़ पूरी तरह अवरुद्ध हो जाती है। सबसे गंभीर स्थिति तब उत्पन्न होती है जब जाम में एंबुलेंस या गंभीर मरीज फंस जाते हैं। उन्हें रास्ता देने के लिए भी वाहन चालक टस से मस नहीं होते। वर्तमान में गणेशोत्सव के चलते शहर के मुख्य मार्गों और पंडालों में दर्शनार्थियों की भीड़ निरंतर बढ़ रही है। त्योहार के इस दौर में भीतरी इलाकों की बदहाल यातायात व्यवस्था ने नागरिकों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है।
सख्त चालानी कार्रवाई की दरकार
नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने पुलिस अधीक्षक एवं यातायात विभाग से मांग की है कि निर्धारित नो-एंट्री नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। दिन के समय भीड़भाड़ वाले इलाकों में मालवाहक खड़े कर लोडिंग-अनलोडिंग करने वालों पर मोटरयान अधिनियम के तहत जब्ती व चालानी कार्रवाई की जाए। मुख्य मार्गों पर नियमित ट्रैफिक पुलिस जवानों व पेट्रोलिंग दल की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि यातायात सुगम हो सके।



