नागपुर की सांसदों की बैठक में उठा महत्वपूर्ण मुद्दा, संतोष पांडेय ने रखा प्रस्ताव — संस्कारधानी समिति एवं व्यापारी प्रतिनिधियों ने जताया आभार
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में राजनांदगांव-खैरागढ़-कवर्धा-मंडला-जबलपुर नई रेल लाइन की मांग को लेकर महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। नागपुर में आयोजित सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक में राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय ने इस बहुप्रतीक्षित रेल लाइन का प्रस्ताव प्रमुखता से रखा। प्रस्ताव के सामने आने से राजनांदगांव सहित आसपास के क्षेत्रों में इस रेल परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
दो संस्कारधानियों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी
बैठक में रखे गए प्रस्ताव में कहा गया कि राजनांदगांव को खैरागढ़, कवर्धा, मंडला होते हुए जबलपुर से जोड़ने वाली नई रेल लाइन से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे राजनांदगांव और जबलपुर जैसी दोनों संस्कारधानियों के साथ मंडला क्षेत्र भी रेल नेटवर्क से बेहतर ढंग से जुड़ सकेगा।
प्रस्तावित रेल मार्ग से मंडला एवं आसपास के आदिवासी अंचलों, कान्हा क्षेत्र तथा छत्तीसगढ़ के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होने की संभावना है। इससे विद्यार्थियों, व्यापारियों, कर्मचारियों, मरीजों, पर्यटकों और आम यात्रियों को भी सुविधा मिल सकती है।
व्यापार, उद्योग और पर्यटन को मिलेगा विस्तार
नई रेल लाइन की मांग के पीछे क्षेत्र के व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को गति देने का तर्क भी रखा गया है। रेल संपर्क बढ़ने से दोनों राज्यों के बीच आर्थिक गतिविधियों को विस्तार मिलने तथा नए व्यापारिक मार्ग विकसित होने की संभावना जताई गई है।
विशेष रूप से मंडला-कान्हा क्षेत्र को राजनांदगांव एवं छत्तीसगढ़ से जोड़ने से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं कवर्धा और खैरागढ़ जैसे क्षेत्रों को भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकेगा।
वंदे भारत, मेमू और राजनांदगांव स्टेशन का मुद्दा भी उठा
बैठक में राजनांदगांव एवं डोंगरगढ़ में वंदे भारत ट्रेन के ठहराव, रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू ट्रेन को पुनः शुरू करने तथा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजनांदगांव रेलवे स्टेशन के विकास से संबंधित विषय भी रखे गए।
नागपुर मंडल में आयोजित बैठक में विभिन्न संसदीय क्षेत्रों के सांसद एवं जनप्रतिनिधि तथा रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में क्षेत्र की रेल सुविधाओं और यात्रियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
“यह रेल लाइन दो राज्यों के साथ दो संस्कारधानियों को जोड़ेगी”
सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि राजनांदगांव से मंडला-जबलपुर तक प्रस्तावित रेल लाइन केवल दो राज्यों को जोड़ने वाली परियोजना नहीं होगी, बल्कि दो संस्कारधानियों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संपर्क को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इससे मध्यभारत के व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को लाभ मिलेगा।
सांसद संतोष पांडेय के प्रति जताया आभार
राजनांदगांव से मंडला-जबलपुर रेल लाइन की मांग को सांसदों की बैठक में प्रमुखता से रखने पर संस्कारधानी समिति के पदाधिकारियों एवं व्यापारी प्रतिनिधियों ने सांसद संतोष पांडेय का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर राजू डागा, लक्ष्मण लोहिया, संजू लड्ढा, प्रतीक अग्रवाल, भावेश अग्रवाल, संजय तेजवानी, अशोक पांडे, सूरज बुद्धदेव, राजेश जैन, आनंद चोपड़ा एवं अमित खंडेलवाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि राजनांदगांव-मंडला-जबलपुर रेल कनेक्टिविटी का विषय पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। सांसद संतोष पांडेय द्वारा इस मांग को उचित मंच पर प्रमुखता से उठाए जाने से इसे आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।
संस्कारधानी समिति के राजू डागा एवं प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मांग की कि प्रस्तावित रेल लाइन की संभावनाओं पर आवश्यक सर्वे एवं प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए इस महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी को साकार करने की दिशा में पहल की जाए। उनका कहना है कि यह परियोजना राजनांदगांव सहित छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के अनेक क्षेत्रों के लिए व्यापार, पर्यटन, आवागमन और विकास का नया मार्ग खोल सकती है।



