भौतिक सत्यापन के एवज में 2प्रतिशत कमीशन मांगने, दुव्र्यवहार और गोपनीय दस्तावेज बाहर भेजने का दावा
सीईओ की जगह खुद हस्ताक्षर करने व बिना प्रशासकीय स्वीकृति मूल्यांकन का मामला, जांच समिति गठित करने की मांग
छुईखदान (दावा)। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) उपसंभाग छुईखदान की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) सुश्री अंशु चतुर्वेदी के खिलाफ गंभीर वित्तीय व प्रक्रियात्मक अनियमितताओं, अधिकार क्षेत्र के उल्लंघन और पद के दुरुपयोग को लेकर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ (खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) से लिखित शिकायत की गई है। शिकायत में एसडीओ के विरुद्ध उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
सत्यापन के एवज में 2 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप
शिकायत पत्र के अनुसार जनपद पंचायत छुईखदान क्षेत्र के सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि एसडीओ द्वारा विभिन्न विकास कार्यों के भौतिक सत्यापन के नाम पर 2 प्रतिशत कमीशन की मांग की जाती है। इसके अलावा निर्माण कार्यों के एस्टीमेट समय पर तैयार न करने, विकास कार्यों में अनावश्यक अड़ंगा लगाने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ अमर्यादित व उपेक्षापूर्ण व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जिससे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में भारी रोष है।
गोपनीय दस्तावेज बाहर भेजने व अधिकार क्षेत्र के उल्लंघन का मामला
शिकायत में शासकीय गोपनीयता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि सक्षम उच्चाधिकारियों (कलेक्टर अथवा जिला पंचायत सीईओ) की लिखित अनुमति के बिना विभाग के अत्यंत संवेदनशील शासकीय दस्तावेजों को कार्यालय से बाहर निजी व अनाधिकृत व्यक्तियों तक पहुंचाया गया। इसके अलावा, जनपद पंचायत सीईओ के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण करते हुए ग्राम पंचायत ठढार के कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र (स्वच्छ भारत मिशन एवं 15वां वित्त आयोग मद, वर्ष 2022) में जनपद सीईओ के लिए निर्धारित स्थान व सील के ऊपर स्वयं हस्ताक्षर कर उसे अभिप्रमाणित करने का मामला भी सामने आया है।
बिना प्रशासकीय स्वीकृति मूल्यांकन व सुशासन तिहार में असहयोग
तकनीकी व वित्तीय अनियमितता उजागर करते हुए शिकायत में बताया गया है कि ग्राम रैंमडवा (ग्राम पंचायत जगमड़वा) में पाइपलाइन विस्तार कार्य का बिना किसी प्रशासकीय स्वीकृति और कार्यादेश के ही पूर्व मूल्यांकन व सत्यापन कर दिया गया। वहीं, राज्य शासन के सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में भी एसडीओ द्वारा घोर उदासीनता और असहयोगात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है। जनप्रतिनिधियों ने इसे पदीय मर्यादा का खुला उल्लंघन और घोर अनुशासनहीनता बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।


