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किसानों को बंजर जमीन की फसल बीमा की राशि!

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जांच करने भी नहीं पहुंचे अधिकारी ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत कृषि विभाग के अफसरों से भी की गई, किंतु लाकडाउन का बहाना कर आज तक जांच करने पहुंचे ही नहीं। इसी तरह एसडीएम राजनांदगांव को भी माह भर पहले लिखित शिकायत कर इस मामले में लिप्त पटवारी व ग्राम सेवक पर कार्यवाही की मांग की गई थी, जिस पर जांच कराने का आश्वासन दिया गया था, किंतु आज पर्यंत मामले की जांच नहीं कराई गई है।

लिटिया में 15 एकड़ बंजर जमीन की फर्जी आनावरी रिपोर्ट
राजनांदगांव(दावा)। किसानों को प्रधानमंत्री कृषि फसल बीमा योजना की राशि का दिलाने के नाम पर सरकारी राशि का किस कदर बंदरबाट किया जा रहा है, इसका बड़ा मामला समीपस्थ ग्राम लिटिया में सामने आया है, जहां पटवारी एवं ग्राम सेवक द्वारा साठगांठ कर दो किसानों की बंजर जमीन की फर्जी आनावरी रिपोर्ट तैयार कर बीमा राशि दिलाई गई है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों किसानों को बीमा राशि का भुगतान भी हो गया और इस मामले में एसडीएम से शिकायत के बावजूद मामले की जांच भी नहीं कराई गई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजनांदगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लिटिया में कई ऐसे किसान हैं, जिन्होंने धान की फसल ही नहीं ली है, उसके बावजूद फसल बीमा की राशि प्राप्त कर ली गई है। यहां बंजर जमीन वाले किसानों से साठगांठ कर पटवारी और ग्राम सेवक द्वारा फर्जी तरीके से आनावरी रिपोर्ट तैयार कर और फसल बीमा की राशि दिलाकर शासन को चूना लगाया गया है। इसी तरह से लिटिया और उसके आसपास के गांवों के कई ऐसे किसानों को भी गलत तरीके से लाभ पहुंचाया गया है। इस पंचायत में पटवारी और वहीं गांव के कई ऐसे किसान भी हैं, जिन्होंने कोई फसल नहीं ली है और कई लोगों की जमीन कई वर्षों से बंजर पड़ी है, उन किसानों को भी फसल बीमा का लाभ पहुंचाया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि लिटिया में कृषक विष्णु पटेल पिता बलिराम पटेल और कृषक बलिराम पटेल पिता स्व. हटेउ पटेल द्वारा विगत 15 वर्षों से अपनी 15 एकड़ बंजर पर विगत चार सालों से रबी और खरीफ की फसल नहीं बोयी जा रही है। इसके बावजूद पटवारी और ग्राम सेवक से साठगांठ कर गलत गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कराकर इन दोनों किसानों को फसल बीमा की राशि करीब एक लाख रूपए दिलाई गई है। बताया गया है कि कृषक बलिराम पटेल की भूमि, जिसका खसरा नंबर 702/3, 724, 729 पूर्ण रूप से बंजर पड़ी हुई है। इसी तरह कृषक विष्णु पटेल पिता बलिराम पटेल की जमीन खसरा नंबर 701/1, 869, 702/1 पूर्ण रूप से बंजर पड़ी हुई है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कृषक विष्णु पटेल को 30 हजार 980 रूपए और बलिराम पटेल को 59 हजार 37 रूपए के धान की बीमा राशि दिलाई गई है।
बिना फसल के उठा रहे बीमा का लाभ
ग्रामीणों का कहना है कि जिस रकबे में धान ही नहीं बोया गया था, उस रकबे के मालिक के नाम से जारी हुई प्रधानमंत्री फसल बीमा की राशि जारी की गई है। पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर ही तहत किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलता है। ऐसे में जिन्होंने धान की फसल ही नहीं ली है, उन किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि छोटे किसान जब फसल बीमा कराने जाते हैं, तब उन्हें कई तरह के नियमों का हवाला देकर पटवारी द्वारा गुमराह किया जाता है और जो बड़ किसान हैं, उन्हें बिना फसल के ही बंजर जमीन का बीमा प्रकरण तैयार कर लाभ पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पटवारी द्वारा रूपयों का लेनदेन कर अपात्र किसानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। साथ ही कई बड़े किसान बिना खेती किए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम लिटिया में छह किसान ऐसे हैं, जिनकी जमीन पांच सालों से बेकार पड़ी है, इसके बावजूद उन्हें बीमा राशि का लाभ दिया जा रहा है।

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