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बसों की रैली निकाल कर संचालकों ने निकाली भड़ास, किराया बढ़ाने की मांग

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गुस्साए ऑपरेटर्स बोले- 13 जुलाई से बंद कर देंगे बस सेवाएं
राजनांदगांव (दावा)
। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के पदाधिकारियों ने गुरुवार को किराया बढ़ाने की मांग को लेकर बस रैली निकाली। विरोध स्वरूप यह रैली प्रदेश के हर शहर में निकाली गई। महंगाई की वजह से हुए प्रदेश स्तरीय इस आंदोलन का असर राजनांदगांव में भी देखने को मिला। प्रदर्शन करने पुराना बस स्टैंड में संचालक जमा हुए और सभी ने हाथ में हमारी मांगे पूरी करो, महाबंद जैसी बातें लिखी तख्ती थामे नारेबाजी करते कलेक्टोरेट पहुंच कर ज्ञापन सौंपा। गुस्साए ऑपरेटर्स ने 13 जुलाई से बस सेवा बंद करने की बात कही है। बस संचालकों की मांग है कि जिस रफ्तार से डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं, उसी तरह बसों का किराया भी बढ़ाया जाए। महंगे डीजल में कम किराए पर बसें चलाना मुश्किल हो रहा है। गौरतलब है कि यात्री भाड़ा और परिवहन संबंधी समस्याओं को लेकर सिलसिलेवार समूचे राज्य में आंदोलनरत बस संचालक अपनी मांगों को लेकर अब भी अड़े हुए हैं। गुरुवार को राजनांदगांव के संचालकों ने बस लेकर कलेक्टोरेट में धावा बोल दिया।

क्यों कर रहे किराया बढ़ाने की मांग
कलेक्टर को बस संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि अब वह भूखे मरने को मजबूर हो चुके हैं। बस संचालकों ने बताया है कि मध्य प्रदेश राज्य में साल 2018 में 10 प्रतिशत किराया बढ़ाया गया था। उस समय छत्तीसगढ़ में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी। मई महीने में साल 2021 में मध्य प्रदेश में 25 प्रतिशत किराया और बढ़ाया जा चुका है, लेकिन छत्तीसगढ़ में यात्री किराया बढ़ाने को लेकर कोई भी फैसला नहीं नहीं किया गया है। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने मांग की है कि प्रदेश में 40 प्रतशित यात्री किराया बढ़ाया जाए ताकि बसों के संचालन के लिए खर्च निकालना मुमकिन हो सके। इस दौरान प्रमुख रूप से रईस अहमद शकील, आशीष पाण्डे, अशोक जैन, भावेश अग्रवाल, अहमद सोलंकी, विनीत लूनिया, ललित लोधी, प्रकाश राठौर, बॉपी गरचा, जसविन्दर सिंह बल, अमित शर्मा, हनीफ सोलंकी, मनीष यादव, कदीर सोलंकी, मंगतू यादव, नब्बू सोलंकी, सैनुद्दीन सोलंकी व हफीज वारशी सहित सभी बस मालिक उपस्थित थे।

जिले में रोजाना 200 बसों का संचालन
जिला बस ऑपरेटर संघ अध्यक्ष रईस अहमद शकील के नेतृत्व में बस मालिकों ने कलेक्टोरेट के बाहर नारेबाजी करते प्रदर्शन किया। डीजल के बढ़ते दाम की वजह से मौजूदा यात्री किराया के आधार पर बसों की आवाजाही संभव नहीं है। बताया जा रहा है कि बीते डेढ़ साल में डीजल के दाम 65 रुपए से सीधे 90 रुपए के करीब पहुंच गया है। जबकि यात्री भाड़े में लंबे समय से सरकार ने बढ़ोत्तरी नहीं की है। वहीं बसों के मशीनरी के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। जिले में रोजाना सामान्य दिनों में 200 बसों की आवाजाही होती है। बस कारोबार के जरिये 500 से अधिक कर्मचारियों के परिवार का भरण पोषण होता है। बताया जा रहा है कि सरकार शासन स्तर पर मांग पूरी नहीं होने तक बस मालिक आंदोलन करने के लिए कटिबद्ध हैं। प्रदर्शन में बस मालिक बड़ी संख्या में शामिल थे।

मांग नहीं मानी गई तो महाधरना
12 जुलाई को रायपुर के बूढ़ा तालाब पर प्रदेश के सभी बस संचालक पूरे परिवार के साथ महा-धरना देंगे। 13 जुलाई को बस संचालकों ने अनिश्चितकाल के लिए बसों की सेवा बंद करने का फैसला लिया है। 14 जुलाई को यह सभी बस संचालक जल समाधि लेंगे।

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