तीनों बैराज में शत-प्रतिशत जलभराव
राजनांदगांव (दावा)। आषाढ़ में औसत से कम बारिश के बाद सावन मेंं सूखे की आशंका के बीच भादो और क्वांर माह के शुरूआत में जिले में झमाझम बारिश हुई है। भादो की बारिश से जिले के जलाशयों की भी प्यास बुझ गई है। जिले में अब धान सहित अन्य फसलें लहलहाने लगी है। इस माह हुई अच्छी बारिश से जिले से तीन प्रमुख जलाशयों में शत-प्रतिशत जलभराव हो गया है। अन्य जलाशयों में भी 85 से 90 प्रतिशत पानी स्टोरेज हो गया है।
गौरतलब है कि विगत दिनों हुई झमाझम बारिश से जिले के हर क्षेत्र मेेंं पानी ही पानी हो गया है। बारिश के बाद जिले के जलाशय लबालब हो गए है। क्षमता से अधिक जलभराव होने की स्थिति में कुछ जलाशयों से पानी छोड़ा जा चुका है। जलाशयों से पानी छोडऩे के बाद नदी नाले उफान पर आ गई थी। वहीं नवरात्र में भी जिले में अच्छी बारिश का अनुमान लगाया जा रहा है।
लगातार हो रही बारिश से धान की फसलें लहलहाने लगी है। वर्तमान में हरुना किस्म की फसलों में बाली निकल आई है। लंबे समय में पकने वाली फसलों का ग्रोथ हो रहा है। कुछ समय में इन फसलों से भी बाली निकल आएंगी। दूसरी ओर मौसम में बार-बार हो रहे उतार-चढ़ाव से उमस व गर्मी की वजह से फसलों में कीट प्रकोप बढ़ रहा है। किसानों द्वारा फसलों में दवाइयों का छिडक़ाव किया जा रहा है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल बम्फर पैदावार की उम्मीद किसानों को है।
रुसे, पिपरिया और मडिय़ान में क्षमता से अधिक पानी
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बारिश के बाद जिले के बड़े जलाशयों में रुसे, पिपरिया और मडिय़ान जलाशयों में क्षमता के अनुरुप 100 प्रतिशत से अधिक जलभराव हो चुका है। इन तीनों जलाशयों से पानी उलट चल रहा था। अधिकारियों ने बताया कि अधिक जलभराव होने से जहां पिपरिया से 9.3 क्यूसेक, रुसे से 45 क्यूसेक और घुमरिया बैराज से 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
मोंगरा से दो हजार व सूखानाला से 1500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
जल संसाधन विभाग अंबागढ़ चौकी के ईई एस.के. सहारे ने बताया कि अब तक मोंगरा जलाशय से 2000 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मोंगरा में जलभराव की क्षमता 32.05 है। वर्तमान में इस जलाशय में 25.03 जल भराव हो गया है। यानि क्षमता के 87.10 प्रतिशत। वहीं सूखानाला बैराज से 1500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस बैराज की क्षमता 11.73 है। वर्तमान में यहां पर 11.70 प्रतिशत जल भराव हो गया है। यानि क्षमता के 100 प्रतिशत है। इसके अलावा अन्य जलाशयों से भी पानी चोड़ा गया है। आने वाले समय में और बारिश की अनुमान लगाया जा रहा है। इससे क्षमता से कम जलभराव हुए जलाशयों में शतप्रतिशत स्टोरेज की संभावना जताई जा रही है।
जिले के जलाशयों में जलभराव की स्थिति
जलाशय जल भराव
रुसे जलाशय १०० प्रतिशत
ढारा जलाशय ८७ प्रतिशत
पिपरिया जलाशय 100 प्रतिशत
मटियामोती जलाशय ९० प्रतिशत
मडिय़ान जलाशय 100 प्रतिशत
मोंगरा जलाशय ८७.10 प्रतिशत
सूखा नाला जलाशय 8९.03 प्रतिशत
घुमरिया नाला बैराज ८९.७१ प्रतिशत



