विजिबल, फील्ड और प्रिवेंटिव पुलिसिंग पर जोर; बाजारों में तैनात होंगे हेल्प डेस्क और अतिरिक्त बल
ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग प्रबंधन, रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर रखी जाएगी पैनी नजर
जुआ-सट्टा, अवैध शराब और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलेगा सख्त अभियान

राजनांदगांव। आगामी दीपावली एवं अन्य पारंपरिक त्योहारों के मद्देनजर जिले में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने राजपत्रित अधिकारियों एवं समस्त थाना प्रभारियों की अहम बैठक ली। बैठक में त्योहारों के दौरान जिले भर में चाक-चौबंद सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस केवल चौराहों तक सीमित न रहे, बल्कि बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ‘विजिबल’, ‘फील्ड’ और ‘प्रिवेंटिव’ पुलिसिंग का प्रभावी असर दिखना चाहिए।

मैदान में उतरें थाना प्रभारी, बाजारों में बनेंगे हेल्प डेस्क
एसपी अंकिता शर्मा ने निर्देशित किया कि सभी थाना प्रभारी स्वयं मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी करें तथा नागरिकों व व्यापारियों से निरंतर संवाद बनाए रखें। धनतेरस व दीपावली पर बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ और वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए पार्किंग, नो-पार्किंग जोन और आवश्यकतानुसार रूट डायवर्जन की पुख्ता योजना बनाई गई है। प्रमुख बाजारों व संवेदनशील स्थलों पर पीक आवर्स के दौरान अस्थायी पुलिस सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) या अस्थायी चौकियां स्थापित की जाएंगी, ताकि नागरिकों को तुरंत सहायता मिल सके।
स्टेशन, बस स्टैंड पर विशेष निगरानी; व्यापारियों से समन्वय
त्योहारों में यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सिविल ड्रेस और थाना पुलिस की विशेष टीमें लगातार पेट्रोलिंग और चेकिंग करेंगी। इसके साथ ही सराफा व्यापारियों, चैंबर ऑफ कॉमर्स और प्रमुख व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर सुरक्षा उपायों, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता तथा उठाईगिरी व पॉकेटमारी जैसी घटनाओं से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम से शहर के प्रमुख चौराहों व बाजारों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
ग्रामीण मड़ई-मेला और अवैध गतिविधियों पर सख्ती
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले पारंपरिक मड़ई-मेले व आयोजनों के लिए भी पूर्व तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जुआ-सट्टा, अवैध शराब की बिक्री व परिवहन और अन्य असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी व प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए। आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर पुलिस लगातार निगरानी रखेगी।
नागरिकों से संवेदनशीलता, उपद्रवियों पर सख्ती
पुलिस अधीक्षक ने बल दिया कि त्योहारों के दौरान आम नागरिकों के साथ पुलिस का व्यवहार अत्यंत संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए, जबकि शांति व्यवस्था में खलल डालने वालों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। पुलिस का मुख्य ध्येय नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि जिलेवासी बिना किसी भय के हर्षोल्लास के साथ पर्व मना सकें।




