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शैक्षणिक संस्थानों को भाजपा का राजनीतिक अखाड़ा बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं : जितेंद्र मुदलियार…

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० शासकीय स्कूल-कॉलेजों में भाजपा के कार्यक्रमों पर शहर जिला कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति
० राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; राजनीतिक आयोजनों पर तत्काल रोक लगाने की मांग

राजनांदगांव (दावा)। शासकीय शैक्षणिक संस्थानों का उपयोग राजनीतिक एजेंडे के प्रचार-प्रसार के लिए किए जाने को लेकर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शासकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में राजनीतिक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति देने वाले प्राचार्यों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और संबंधित जनभागीदारी समितियों को बर्खास्त करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।

शिक्षा के मंदिरों का राजनीतिकरण सत्ता का दुरुपयोग : मुदलियार
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश के शासकीय स्कूलों और कॉलेजों को अपनी राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाने में जुटी हुई है। ‘युवा संवाद’ जैसे कार्यक्रमों की आड़ में राजनीतिक एजेंडे का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शाला से बाहर बच्चों से दीये जलवाए गए और परीक्षाएं निरस्त कर विद्यार्थियों को राजनीतिक कार्यक्रमों में भेजा गया। अब पुन: शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक मंच तैयार किए जा रहे हैं, जो भाजपा की हताशा और सत्ता के दुरुपयोग की मानसिकता को स्पष्ट करता है। शासकीय संस्थान किसी दल की जागीर नहीं हैं, बल्कि यहां हर वर्ग और विचार के विद्यार्थियों को अध्ययन का समान अवसर मिलना चाहिए।

मुदलियार ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है कि शिक्षण संस्थानों के जिम्मेदार प्राचार्य राजनीतिक दबाव में आकर ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति दे रहे हैं और जनभागीदारी समितियों के सदस्य भी इसमें संलिप्त हैं। कांग्रेस इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करती है। राजनीतिक दबाव में नियमों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि भविष्य में शिक्षण परिसरों का उपयोग राजनीतिक प्रचार हेतु रोकने के लिए कड़े व स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं। इस दौरान कुलबीर छाबड़ा, कमलजीत पिंटू, राकेश जोशी, मामराज अग्रवाल, रूपेश दुबे, देवेश वैष्णव, अशोक पंजवानी, चेतन भानुशाली, लक्ष्मण साहू, चंपू गुप्ता, युवराज भारती, सुरेंद्र देवांगन, आशा अग्रवाल, भरत सोनी, अमर झा, बबलू कसार, सुरेंद्र गजभिये, विशु अजमानी, राहुल चौबे, संदीप सोनी, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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