राजनांदगांव (दावा)। संस्कारधानी की 20 वर्षीय युवा प्रतिभा ने राष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाकर अंचल का मान बढ़ाया है। स्थानीय शासकीय कमला देवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्रा प्रज्ञा बाम्बेश्वर ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन के ऐतिहासिक संविधान सदन (पूर्व केंद्रीय कक्ष) में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व किया। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) पर आयोजित इस गरिमामय समारोह में प्रज्ञा ने राष्ट्रीय एकता, युवा शक्ति और ‘विकसित भारत’ के संकल्प पर अपने विचार साझा किए।
प्रज्ञा को यह ऐतिहासिक अवसर भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित माय भारत के नो योर लीडर कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त हुआ। इस दौरान लोकसभा सचिवालय द्वारा उन्हें विशेष टैग भी प्रदान किया गया। महज 20 वर्ष की आयु में संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष के मंच से पूरे देश के समक्ष विचार रखना उनके और प्रदेश के लिए एक विशिष्ट उपलब्धि रही।
अपने सारगर्भित संबोधन में प्रज्ञा ने लौह पुरुष सरदार पटेल के देश के एकीकरण और अखंडता में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के भारत के नवनिर्माण में युवाओं की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने विविधता में एकता और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के विजन को अपनाते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया। संसद भवन के इस विशेष आयोजन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, वरिष्ठ सांसद सोनिया गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एवं कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सहित देश के शीर्ष नीति-निर्माता उपस्थित रहे। प्रज्ञा को इन राष्ट्रीय नेताओं के समक्ष विचार रखने और उनसे संवाद करने का अवसर भी मिला।
० अकादमिक और वाद-विवाद में भी आगे
प्रज्ञा ‘माय भारत’ के माध्यम से राष्ट्रीय विकास व जन-जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। महाविद्यालय में वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) कार्यशाला की प्रतिनिधि और युवा एम्बेसडर के रूप में दायित्व निभा चुकी हैं। वाद-विवाद, युवा संसद और मंच संचालन जैसी रचनात्मक गतिविधियों में निरंतर भागीदारी ने उनके नेतृत्व कौशल को तराशा है। प्रज्ञा की इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक वर्ग और समूचे स्टाफ ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। महाविद्यालय परिवार ने इसे संस्थान ही नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के छात्र-छात्राओं के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत बताया।



