(यतेंद्र जीत सिंह “छोटू”) खैरागढ़: जिला महिला लोधी समाज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा पारंपरिक तीज उत्सव का भव्य आयोजन धनेली स्थित लुनिया फार्महाउस में हर्षोल्लास के साथ किया गया।। इस अवसर पर क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक यशोदा नीलाम्बर वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और महिलाओं के उत्साह व सहभागिता की सराहना की।।
छत्तीसगढ़ी खेल रस्सी खींच , कुर्सी दौड़,खो-खो,लंबी दौड़ का भी आयोजन हुआ
छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा से जुड़े इस पर्व का विशेष महत्व है। तीज उत्सव महिलाओं के लिए उल्लास आस्था और आत्मीयता का पर्व माना जाता है। कार्यक्रम में पारंपरिक खेल-प्रतियोगिताएँ जैसे रस्साखींच, खो-खो, कुर्सी दौड़, लंबी दौड़ आदि का आयोजन किया गया। महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके साथ ही भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी मनमोहक बना दिया।
तीज पर्व नारी शक्ति के उल्लास और संस्कृति का प्रतीक: यशोदा वर्मा
मुख्य अतिथि विधायक यशोदा नीलाम्बर वर्मा ने कहा कि तीज पर्व नारी शक्ति के उल्लास आस्था और संस्कृति का प्रतीक है।। ऐसे आयोजन न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं बल्कि समाज को एकजुट करने और महिलाओं को सशक्त बनाने का संदेश भी देते हैं।। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को समाज की रीढ़ बताते हुए शिक्षा आत्मनिर्भरता और नेतृत्व में आगे आने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर जिला महिला लोधी समाज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य तुषारीका चंदेल, जनपद सदस्य ज्योति जंघेल, उर्मिला वर्मा, राधा जंघेल, कविता जंघेल, आरती महोबिया, फूलमती वर्मा (घुमका) सहित बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित रहीं।।
रंग बिरंगी पारंपरिक परिधान में सजी महिलाओं ने आयोजन को और अधिक आकर्षक बना दिया
पारंपरिक परिधान में सजी महिलाओं की भागीदारी ने आयोजन को और अधिक आकर्षक बना दिया। रंग-बिरंगे परिधानों, गीत-संगीत और पारंपरिक खेलों के बीच छत्तीसगढ़ी संस्कृति की खूबसूरत झलक देखने को मिली।
छत्तीसगढ़ी खान-पान की सादगी और स्वाद ने सभी को अपनेपन का एहसास कराया
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का भी विशेष आनंद लिया गया।। महिलाओं ने पारंपरिक पकवान जैसे ठेठरी-खुरमी, अरीसा, चीला, फरा, चौसेला सहित कई स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए। मेहमानों और प्रतिभागियों ने उत्सव के बीच इन व्यंजनों का लुत्फ उठाया। छत्तीसगढ़ी खानपान की सादगी और स्वाद ने सभी को अपनेपन का एहसास कराया।
कार्यक्रम का संचालन समाज की पदाधिकारिणियों द्वारा किया गया और आयोजन समिति ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।। महिलाओं की उमंग और जोश से सराबोर यह आयोजन न केवल एक पर्व का उत्सव था,बल्कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का प्रयास भी था।



