० आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त 10 लाख रुपये की अर्टिगा कार जब्त
० पुणे और जबलपुर से पकड़े गए आरोपी, मुख्य सरगना विक्रम सिंह की सरगर्मी से तलाश जारी
राजनांदगांव (दावा)। शहर के महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल के समीप स्थित पुराने विश्राम गृह के पास, अनमोल परिसर स्थित एक इन्टरप्राइजेस गोदाम में गत दिनों हुई लाखों रुपये की सिगरेट चोरी के मामले को राजनांदगांव पुलिस ने सुलझा लिया है। कोतवाली पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है और तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार भी जब्त की है। इस बड़ी कामयाबी के संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम के जन संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी कीर्तन राठौर ने मामले का विस्तृत खुलासा किया।
शटर का ताला तोडक़र उड़ाए थे 11.90 लाख की सिगरेट
पुलिस के अनुसार, सिंधी कॉलोनी (गली नंबर 5) निवासी प्रार्थी राहुल तेजवानी (पिता रामचंद तेजवानी, उम्र 34 वर्ष) ने 1 मई को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया था कि 30 अप्रैल की रात 9 बजे से 1 मई की सुबह 5 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने पुराने रेस्ट हाउस के पास स्थित उनके आर. सी. एम. इन्टरप्राईजेस एवं गोदाम का ताला तोड़ दिया। चोरों ने गोदाम के भीतर रखे विभिन्न ब्रांड्स (गोल्ड किंग, गोल्ड फ्लेग, क्लासिक माइल्ड आदि) के कुल 11 लाख 90 हजार रुपये की कीमती सिगरेट के कार्टून पार कर दिए थे। शिकायत पर कोतवाली थाना प्रभारी मिलन सिंह द्वारा अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 234/ 2026, धारा 331 (4), 305 (ए) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी इनपुट्स से मिला क्लू
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन व मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी और सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार के नेतृत्व में एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घटना स्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया और शहर के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज से मिले महत्वपूर्ण सुरागों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस की टीमों को तत्काल जबलपुर (म.प्र.) और पुणे (महाराष्ट्र) रवाना किया गया।
पुणे और जबलपुर से दबोचे गए आरोपी
पुलिस टीम ने जबलपुर में घेराबंदी कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया, जिनकी पहचान सागर घोडके (उम्र 29 वर्ष) और कुणाल पांडुरंग जाधव (उम्र 26 वर्ष), दोनों निवासी चिंचवड़, पुणे (महाराष्ट्र) के रूप में हुई। राजनांदगांव लाकर कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने दो अन्य साथियों—विपुल संदीप विटकर और विक्रम राजपूत के साथ मिलकर पुणे से अर्टिगा कार (क्रमांक रू॥ 12 ङ्कछ्व 7339) से राजनांदगांव आकर इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पुणे से तीसरे आरोपी विपुल विटकर (पिता संदीप विटकर, उम्र 21 वर्ष) को भी 14 मई 2026 को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी में प्रयुक्त अर्टिगा कार भी जब्त की है, जिसकी कीमत करीब 10,00000 (दस लाख) रुपये आंकी गई है।
मुख्य आरोपी फरार, तलाश जारी
मामले का मुख्य आरोपी विक्रम सिंह राजपूत (निवासी पुणे, महाराष्ट्र) अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस की विशेष टीम उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और दावा किया जा रहा है कि उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



